जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन स्थित गुणायतन में मंगलवार को साधुओं का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मध्य प्रदेश के छतरपुर से लगभग 1150 किलोमीटर तथा गाडरवारा से करीब 1350 किलोमीटर की कठिन पद विहार यात्रा पूर्ण कर दो माता जी संघों का गुणायतन में मंगल प्रवेश संपन्न हुआ।यह मंगल प्रवेश संत शिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्यश्री 108 समयसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ। इस अवसर पर आर्यिका रत्न श्री 105 ऋजुमति माताजी ससंघ (9 पिच्छी) एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अनंतमति माताजी ससंघ (9 पिच्छी)का भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
माता जी के मंगल प्रवेश के अवसर पर पूरे देश से श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ा। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान सहित कई राज्यों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गुणायतन पहुंचे। इस ऐतिहासिक अवसर ने गुणायतन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। गुणायतन में पहली बार एक साथ 61 पिच्छियों का विराजमान होना अपने आप में एक दुर्लभ और गौरवपूर्ण क्षण रहा। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।श्रद्धालुओं ने माता जी के दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त किया और इस ऐतिहासिक मंगल प्रवेश को अविस्मरणीय बताया।