योगीटांड़ में निर्माणाधीन डेयरी प्लांट का उपायुक्त ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व प्रगति की ली जानकारी।
SHIKHAR DARPANWednesday, September 30, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने बुधवार को योगीटांड़ में निर्माणाधीन डेयरी प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट के निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी पहलुओं, निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री तथा कार्यों की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। साथ ही कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने तथा निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने परियोजना की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया। बताया गया कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 में गिरिडीह जिले में दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ₹345.41 लाख यानी करीब 3.45 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य जिले में दुग्ध संग्रहण और विपणन व्यवस्था को मजबूत करना तथा ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में व्यवस्था विकसित करना है।
झारखंड सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच हुए समझौते के तहत झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) द्वारा संस्थागत दुग्ध संग्रहण तथा मेधा दूध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों से दूध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ दूध को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचाने के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इसी क्रम में एनडीडीबी के टर्नकी आधार पर गिरिडीह जिले में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। प्लांट के शुरु होने से जिले के ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को संगठित दुग्ध संग्रहण व्यवस्था से जोड़ने, दूध के सुरक्षित संग्रहण एवं प्रसंस्करण की सुविधा मजबूत करने और उनके उत्पाद के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि जिले में दुग्ध क्षेत्र से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे दुग्ध उत्पादकों के लिए रोजगार एवं आय के बेहतर अवसर पैदा करने और उनके उत्पाद को व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। निरीक्षण के दौरान एनडीडीबी के डीजीएम के.एस. पटेल, मेधा के महाप्रबंधक पवन मारवाहा समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी, कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि एवं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।