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राजतंत्र काल की स्मृतियों को समेटे पालगंज का राजसरोवर संवारने की युवाओं ने की पहल तेज।

पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता। 

राजतंत्र काल की स्मृतियों को अपने भीतर समेटे पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत पालगंज का ऐतिहासिक राजसरोवर अब अपने पुराने स्वरूप में लौटने की ओर है। लंबे समय से उपेक्षा और गंदगी का सामना कर रहे इस ऐतिहासिक जलस्रोत के संरक्षण और कायाकल्प की पहल राजघराने के वंशज राजा दिलीप नारायण सिंह और स्थानीय ग्रामीणों प्रेम कुमार,सजीत सिंह,अभय सिंह,विवेक कुमार,केशव भक्त,सिंटू सिंह,रामप्रसाद महतो,कार्तिक साव,संदीप साव,उत्तम सिंह,अन्नत चौरसिया, सागर साव, भोला साव,पिंटु आलम,विष्णु राणा,विक्की रवानी,राजू साव सहीत अन्य लोगों ने मिलकर इसकी शुरू की है। ग्रामीण आपसी सहयोग से राशि जुटाकर राजसरोवर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजसरोवर केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि पालगंज की ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय के साथ देखरेख के अभाव में सरोवर में गाद और गंदगी जमा हो गई थी, जिससे इसका स्वरूप प्रभावित हो रहा था। पर्व-त्योहारों के दौरान भी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को काफी परेशानी होती थी।

इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय स्वयं इसके संरक्षण का निर्णय लिया।इन दिनों राजसरोवर की साफ-सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। ग्रामीणों और राजघराने के वंशजों की इस पहल को क्षेत्र में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां यह बता दे की इस कार्य के बारे में सबसे पहले शिक्षक प्रेम कुमार और सजीत सिंह के जहन में आया और उन्होंने इसकी रूपरेखा तैयार की और राजघराने के वंशज राजा दिलीप सिंह से बात कर इस कार्य को आगे बढ़ाया। बताया जाता है कि पालगंज का इतिहास क्षेत्र की पुरानी राजपरंपरा से जुड़ा रहा है। पालगंज में मौजूद पुराने धार्मिक स्थल, तालाब और अन्य संरचनाएं आज भी क्षेत्र की पुरानी विरासत की याद दिलाते हैं। ग्रामीणों की योजना राजसरोवर की सफाई तक सीमित नहीं है। भविष्य में इसके आसपास नियमित साफ-सफाई, घाट, प्रकाश व्यवस्था और पौधरोपण जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। ग्रामीणों का कहना है कि राजसरोवर के संरक्षण से जहां धार्मिक आयोजनों में सुविधा होगी, वहीं आने वाली पीढ़ियों को पालगंज के इतिहास और विरासत से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

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