रास्ते में चावल उतारते पकड़ा गया पीकअप, ग्रामीणों ने किया हंगामा // चुंग्लो के डीलर के लिए निकला था अनाज, दुम्मा में बीच सड़क पर हो रही थी अनलोडिंग; चालक बोला-गाड़ी से गिर गई थी बोरी।
SHIKHAR DARPANTuesday, September 15, 2026
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जमुआ,शिखर दर्पण संवाददाता।
जमुआ प्रखंड में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अनाज की कथित कालाबाजारी पर सवाल एक बार फिर खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जमुआ गोदाम से चावल लोड कर निकले एक पिकअप वैन को ग्रामीणों ने दुम्मा मुख्य सड़क के पास रास्ते में ही चावल की बोरियां उतारते पकड़ लिया ग्रामीणों के अनुसार, वाहन पर लदा चावल चुंग्लो के डीलर शनिचर मंडल के यहां पहुंचाया जाना था। लेकिन निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में अनाज उतारा जा रहा था। पिकअप वैन को सड़क किनारे रुकवाकर चावल की बोरियां उतारते देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते मौके पर हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों ने वाहन चालक से बीच रास्ते में अनाज उतारने का कारण पूछा। भीड़ के उग्र तेवर को देखते हुए चालक ने सफाई दी कि वाहन से चावल की एक बोरी गिर गई थी, जिसे उठाने के लिए गाड़ी रोकी गई थी हालांकि, ग्रामीण चालक की इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुए। हंगामे के बाद वाहन पर लदा चावल कथित रूप से संबंधित डीलर शनिचर मंडल के यहां भेजा गया।
घटना ने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डीलरों तक पहुंचने वाले सरकारी अनाज की ढुलाई के दौरान रास्ते में ही अनाज की हेराफेरी का खेल चलता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पीडीएस का अनाज गोदाम से डीलर तक पहुंचाने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि यदि चावल निर्धारित डीलर के यहां पहुंचना था तो उसे बीच रास्ते में क्यों उतारा जा रहा था? यदि चालक के अनुसार बोरी गिर गई थी, तो कितनी बोरियां उतारी गईं और वहां अनलोडिंग क्यों की जा रही थी, इसकी भी जांच जरूरी है। घटना को लेकर जब जमुआ के एजीएम से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अब सवाल यह है कि गोदाम से निकलने वाले सरकारी अनाज की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है और रास्ते में हुई इस घटना की जांच कौन करेगा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही डोर स्टेप डिलीवरी के दौरान अनाज की आवाजाही की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।