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प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी के धरना में बैठते ही विश्वविद्यालय का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय घेराव और कुलपति के इस्तीफे की मांग का ऐलान।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

गिरिडीह महाविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. एन. सिंह के विरुद्ध अभाविप द्वारा लगाए गए कथित वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, फर्जी हस्ताक्षर एवं सरकारी बैंक खाते से अवैध निकासी से संबंधित आरोपों की जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। संगठन का कहना है कि इन विषयों से संबंधित दस्तावेज एवं साक्ष्य करीब दो माह पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे जा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के लिए अभाविप झारखंड के प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी गिरिडीह पहुंचे और आंदोलनरत कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठ गए। प्रदेश मंत्री के आंदोलन में शामिल होने के बाद विनोबा भावे विश्वविद्यालय के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत कार्यकर्ताओं एवं संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत की।प्रतिनिधिमंडल ने उठाए गए विषयों की जानकारी लेते हुए पूरे मामले की शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी ने कहा कि अभाविप किसी व्यक्ति विशेष को पहले से दोषी घोषित करने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि संगठन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों एवं साक्ष्यों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा, “करीब दो माह पूर्व हमने गिरिडीह महाविद्यालय से संबंधित गंभीर विषयों के दस्तावेज और साक्ष्य विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आज हमारे आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचा है और उसने शीघ्र जांच एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हम इस आश्वासन का स्वागत करते हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी बात को कार्रवाई में बदलना होगा।”प्रकाश टुटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट समयसीमा देते हुए कहा, “हम विश्वविद्यालय प्रशासन को 24 घंटे का समय दे रहे हैं। 24 घंटे के भीतर यदि जांच एवं कार्रवाई की दिशा में ठोस पहल सुनिश्चित नहीं होती है, तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और तेज करेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव किया जाएगा और कुलपति की जवाबदेही तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।”उन्होंने कहा कि गिरिडीह महाविद्यालय के विद्यार्थी किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने शैक्षणिक भविष्य, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश मंत्री ने कहा कि “विद्यार्थी परिषद संवाद और समाधान के पक्ष में है। हम टकराव नहीं चाहते, लेकिन विद्यार्थियों के सवालों को अनदेखा भी नहीं किया जा सकता। विश्वविद्यालय प्रशासन के पास अब 24 घंटे हैं कि वह अपने आश्वासन को ठोस कार्रवाई में बदले।”

*चार दिन की भूख हड़ताल के बाद दो कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती:-
आंदोलन के दौरान अभाविप कार्यकर्ता जिला संयोजक नीरज चौधरी एवं सीएफएस संयोजक अनीश रॉय पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। लगातार भूख हड़ताल के कारण दोनों की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें सदर अस्पताल, गिरिडीह में भर्ती कराया गया है। प्रदेश मंत्री ने कहा कि आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उनके उपचार एवं देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है।
*प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू भी धरना पर:-
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू भी आंदोलन में शामिल होकर कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गिरिडीह महाविद्यालय से जुड़े सवाल विद्यार्थियों के भविष्य से संबंधित हैं और इन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है। हमारी मांग है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर सवाल उठाए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई विद्यार्थियों एवं समाज के सामने आए। विश्वविद्यालय ने जांच का आश्वासन दिया है, अब हम चाहते हैं कि जांच तत्काल शुरू हो और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।”

*आंदोलन को मिला नैतिक समर्थन:-
गिरिडीह कॉलेज के आंदोलन को विभिन्न स्तरों पर नैतिक समर्थन भी मिला। आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अभाविप के पूर्व प्रदेश मंत्री रोशन सिंह, पूर्व नगर मंत्री रूपेश स्वरनगर, भाजपा कोडरमा लोकसभा सांसद प्रतिनिधि दिनिशेष यादव, युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री संजीव कुमार, पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी, भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय एवं कोषाध्यक्ष मुकेश जलान ने आंदोलनरत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया।इस दौरान सभी ने आंदोलनरत विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं की मांगों को सुना तथा गिरिडीह महाविद्यालय से जुड़े विषयों पर विश्वविद्यालय प्रशासन से उचित एवं शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड का विधिवत सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद अब संगठन की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाएगी। उन्होंने कहा, “विद्यार्थी हित सर्वोपरि है। विद्यार्थियों के सवालों पर जवाबदेही तय होने तक अभाविप लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय का घेराव होगा और कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद निर्णायक आंदोलन करेगी।”

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