आगामी 07 सितंबर को गिरिडीह प्रखंड मुख्यालय में विशाल धरना प्रदर्शन का होगा आयोजन// उदनाबाद पंचायत में MMDR संशोधन विधेयक के खिलाफ बैठक।
SHIKHAR DARPANFriday, September 04, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति एवं जिला समिति के निर्देश के आलोक में शुक्रवार को गिरिडीह प्रखंड अंतर्गत उदनाबाद पंचायत में MMDR संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य एवं पर्यवेक्षक कालेश्वर सोरेन ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक 2026 के प्रावधानों को लेकर आम जनता एवं कार्यकर्ताओं को पूरे झारखंड में जागरूक किया जा रहा है।कहा कि ख़ान और खनिज संशोधन विधेयक के लागू हो जाने से झारखंड को लाखों करोड़ रू का नुक़सान होगा और कई विकास योजनाओं के संचालक में बाधा आएगी।उन्होंने इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। झामुमो जिला सह सचिव दिलीप कुमार रजक ने कहा कि यह लड़ाई जनता के अधिकारों और हितों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को विधेयक के बारे में जानकारी देने तथा आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।प्रखंड अध्यक्ष प्रधान मुर्मू ने कहा कि संगठन के निर्देश पर पंचायत स्तर तक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। युवा मोर्चा संगठन सचिव मेहताब मिर्ज़ा ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक के खिलाफ गांव और पंचायत के लोगों ने कमर कस लिया है। उन्होंने कहा कि इस काला विधेयक के खिलाफ सभी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।मुखिया प्रतिनिधि नरेश यादव ने कहा कि यह विधेयक लागू हो जाता है तो मंईयां सम्मान योजना बंद हो जाएगा। उन्होंने आगामी कार्यक्रम में पंचायत से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वरिष्ठ साथी रामेश्वर सोरेन ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन के साथ मजबूती से खड़ा रहना समय की मांग है। उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने 07 सितंबर 2026 को गिरिडीह प्रखंड चलने का आह्वान किया तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। मौके पर राजेश मारिक, टिंकू साव, उदय मरांडी, हेमंत मुर्मू, प्रधान टुडू, मिंटू सोरेन, किशुन दास सहित सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।