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दलितों द्वारा सौ वर्षों से आवाजाही का रास्ता घेरने का विरोध करने पर उनके तालाब जाने का रास्ता काटा// सार्वजनिक उपयोग में रहे निजी तालाब में कई बार हो चुका है सरकारी काम।

बेंगाबाद,शिखर दर्पण संवाददाता।

सोनबाद तुरी टोला के दलित परिवारों द्वारा उनके पूर्वजों से आने-जाने के रास्ते को बंद करने का जब उन्होंने विरोध किया तो अब उनके तालाब जाने के रास्ते को भी घेर कर बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी गई है। हालांकि तालाब निजी बताया जा रहा है, लेकिन पूर्वजों से सार्वजनिक उपयोग में रहने, छठ पर्व का अर्ध्य पड़ने आदि कारणों से उसमें कई बार सरकारी राशि से योजना पारित कर काम भी संपन्न कराया गया है। अभी स्थिति ऐसी है कि, इस समय दलित टोला में एक युवक की मृत्यु के उपरांत श्राद्ध कार्यक्रम चल रहे हैं तो तालाब में सामूहिक रूप से नहाने आदि के कार्य निपटाए जाने की बाध्यता है। मालूम हो, दलित परिवारों के लिए पर्याप्त जल स्रोत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। बहरहाल, संकट से अजीज पीड़ितों ने आज गिरिडीह के अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी व्यथा का बयान लिखित रूप से दर्ज कराते हुए, तत्काल जांच पड़ताल और उचित कार्रवाई कर रास्ता बहाल करने की मांग की है।

मुलाकात के दौरान बेंगाबाद के अंचल अधिकारी सफीक आलम भी मौजूद थे। अनुमंडल पदाधिकारी ने लोगों की बातें सुनकर अंचल अधिकारी को जरूरी निर्देश भी दिए। पीड़ितों के साथ स्थानीय पूर्व जिप सदस्य एवं फारवर्ड ब्लाक के जिला संयोजक राजेश यादव, मेहताब अली मिर्जा, मनोज यादव, शंभू ठाकुर, शंभू तुरी, किशोरी मंडल सहित कई नेता मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों के हक में बोलते हुए अनुमंडल अधिकारी सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों से भी इस मामले का संज्ञान लेकर विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। मिलने वालों में उक्त के अलावा अमित तुरी, युवराज कुमार, कृष्ण कुमार, नितेश तुरी, गोपाल तुरी, लक्ष्मी देवी, रीना देवी, माधुरी देवी, शांति देवी, कामेश्वर तुरी, पुष्पा देवी, सविता देवी, काजल कुमारी, चमेली देवी, हरखी देवी, बबिता देवी, गुड़िया देवी, श्याम तुरी, लक्ष्मी देवी, दिनेश राय सहित अन्य थे।

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