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विशाल भंडारे के साथ ही पांच दिवसीय श्री झूलन महोत्सव का समापन।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता। 

पीरटांड़ प्रखंड के पालगंज स्थित ऐतिहासिक श्री बंशीधर मंदिर में शुक्रवार की रात भंडारे के साथ पांच दिवसीय श्री झूलन महोत्सव का भव्य समापन हुआ। भंडारे में पालगंज सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बताया गया कि पिछले बैशाख पूर्णिमा से प्रत्येक पूर्णिमा के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। यह लगातार 17 वां भंडारा आयोजित था । वहीं झूलन महोत्सव की परंपरा पिछले सैकड़ों वर्षों से श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा तक चली आ रही है। जिसके अंतर्गत इस वर्ष 24 अगस्त 2026 से श्री झूलन महोत्सव प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक चला । इस अवसर पर रात्रि जागरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया । यह आयोजन भक्त परिवार की वंश परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे प्रत्येक वर्ष श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

महोत्सव के दौरान प्रत्येक दिन रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक भगवान श्री बंशीधर जी महाराज को सिंहासन से उतारकर झूले पर विराजमान कराया जाता है। इसके बाद शयन आरती एवं प्रसाद वितरण किया जाता है। इस वर्ष पांच दिनों में भगवान का पांच अलग-अलग श्रृंगार किया गया। अंतिम दिन बंगला, द्वारपाल और तालाब की आकर्षक सजावट कर झूलन महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए गए। समारोह में पालगंज के अलावा कुम्हरलालो, गिरिडीह, महादेव मंडा , महादेवडीह,समेत विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन को सफल बनाने में शिशिर भक्त, निकुंज केतन भक्त, विपुल वत्सल, केशव भक्त, भागवत भक्त, चरित्र केतन भक्त, अलंकृत हरिवंश, प्रिंश प्रियांशु, पियू पार्थ, उद्धव भक्त, धीरज राम, पवन कुमार मंदिलवार, अनूप भक्त, भुवन भक्त, सहदेव पंडित, बप्पी लाहकर, वशिष्ठ नारायण उपाध्याय, बासुकीनाथ उपाध्याय, विवेक साव समेत कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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