जल जीवन मिशन की योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश, स्कूल-आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य संस्थानों में पेयजल सुविधा का होगा सत्यापन।
SHIKHAR DARPANWednesday, August 12, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन (JJM) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II के तहत संचालित योजनाओं की प्रखंडवार एवं योजनावार समीक्षा की गई।उपायुक्त ने निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के निर्माण के साथ-साथ उसके सुचारु संचालन और नियमित रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा तकनीकी या संचालन संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया।
*स्कूल, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य संस्थानों में होगी जांच* उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में पेयजल सुविधा की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता का सर्वे एवं सत्यापन कराने का निर्देश दिया। जिन संस्थानों में पेयजल सुविधा नहीं है या व्यवस्था खराब है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए तत्काल पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने संबंधित कनीय अभियंताओं, प्रखंड समन्वयकों एवं जल गुणवत्ता से जुड़े कर्मियों को संस्थानवार सर्वे कर वास्तविक स्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
*पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच पर जोर*
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने जल स्रोतों एवं आपूर्ति किए जा रहे पानी की समय-समय पर जांच कराने तथा गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। योजनाओं में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने की बात भी कही।
*स्वच्छ भारत मिशन फेज-II की भी समीक्षा* बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ODF प्लस मॉडल गांव, स्वच्छता गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा कि पेयजल और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों क्षेत्रों में समन्वित तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक एवं संबंधित कर्मी उपस्थित थे।