अहिल्यापुर स्कूल भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, गुस्साए छात्र-छात्राओं ने थाना घेरा।
SHIKHAR DARPANMonday, August 17, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
अहिल्यापुर स्थित प्रोजेक्ट +2 उच्च विद्यालय के भवन निर्माण में कथित अनियमितता और ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर मामला गरमा गया है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं, एसएमसी सदस्यों और ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय भवन का निर्माण घटिया निर्माण सामग्री से कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में पूर्व में जिला उपायुक्त एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले ही 16 अगस्त 2026 को ठेकेदार कथित रूप से अहिल्यापुर थाना प्रभारी एवं साजिद खान के साथ विद्यालय परिसर पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान विद्यालय परिसर में मौजूद छात्र-छात्राओं, एसएमसी सदस्यों और ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई तथा मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि क्रिकेट खेल रहे कुछ बच्चों के अभिभावकों को एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई। घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सोमवार को अहिल्यापुर थाना का घेराव कर दिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थाना परिसर के बाहर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं, एसएमसी सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी एवं साजिद खान के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही विद्यालय भवन निर्माण में कथित अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
*इस सम्बंध में मामले को लेकर सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। *वही ग्रामीणों ने प्रशासन से भवन निर्माण की तकनीकी जांच कराने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के पक्ष से हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।