उसरी नदी से बालमुकुंद फैक्ट्री तक पाइपलाइन बिछाने का विरोध, ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष उठाए सवाल।
SHIKHAR DARPANFriday, July 24, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिला प्रशासन के सहयोग से बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा उसरी नदी से फैक्ट्री तक पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज किए जाने के बाद ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार को चतरो मोड़ के समीप पाइपलाइन बिछाने के कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। किसी प्रकार का विवाद या झड़प न हो, इसे लेकर प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की थी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि पथ निर्माण विभाग द्वारा बालमुकुंद फैक्ट्री को लिखित आदेश दिया गया है। वहीं, काम रोकने को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से उच्च अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए जाने की बात भी सामने आई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए टीम भेजी गई है। इधर, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस फैक्ट्री की स्थापना में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सहयोग किया, वही फैक्ट्री अब उसरी नदी का पानी पाइपलाइन के माध्यम से अपने परिसर में ले जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता विकास राय, शुभांकर गुप्ता, अरुण साव, अनुज राय, स्वामीनाथ राय, रंजीत राय, सागर राय और आदर्श साव सहित अन्य लोगों ने प्रशासन के समक्ष इस मामले को लेकर सवाल उठाए। माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड में यह पहली बार हो रहा है कि किसी फैक्ट्री में उसरी नदी का पानी ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पहले ही इसका विरोध कर चुके हैं और अब इस मामले में कानून का सहारा लिया जाएगा। वहीं, माले नेता कन्हाई पांडेय और सामाजिक कार्यकर्ता शुभांकर गुप्ता ने कहा कि गंगापुर और चतरो समेत कई गांवों से होकर पाइपलाइन गुजारी जा रही है, लेकिन ग्रामीणों को इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई है। शुभांकर गुप्ता ने कहा कि “जल, जंगल और जमीन बचाने की बात करने वालों का इस मामले में कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।” विजय विशाल, विकास राय और अरुण साव ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के माध्यम से आंदोलन को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बालमुकुंद फैक्ट्री ने कई स्थानीय लोगों को पैसे के बल पर अपने पक्ष में कर लिया है, जिसका खामियाजा भविष्य में ग्रामीणों को भुगतना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले में कानून का सहारा लेंगे। विरोध के बीच माले नेता राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, असंगठित मजदूर मोर्चा के मसूदन कोल, पवन यादव, भीम कोल और शनिचर कोल समेत कई लोग चतरो मोड़ पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से बातचीत कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में अजय कुमार, विजय विशाल, पिंटू मल्लाह, मुरारी राय, भोला राय, संदीप गुप्ता, नकुल साव, राम रतन राय, प्रदीप कोल, जपला कोल, फागू यादव, रॉकी गुप्ता, राहुल शर्मा, अजय यादव, गणेश राय, पवन यादव, अशोक राय और मेघलाल राय समेत अन्य लोग मौजूद थे।