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पहले सिर से उठा पिता का साया, अब मां का भी आँचल छूट// तीन छोटे छोटे बच्चों की बदकिस्मती पूछ रही सवाल, क्या होगा इन मासूम बच्चों का ?

तिसरी,शिखर दर्पण संवाददाता।

गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड मुख्यालय स्थित चिलगिली गांव की रहने वाली एक विधवा आदिवासी महिला ननकी सोरेन की कोडरमा के ढोड़ाकोला में मौत हो गई। बुधवार की देर रात उसका शव घर आते ही चीख पुकार से मातम पसर गया।  बताया जाता है कि ननकी सोरेन के पति की मौत पहले ही हो चुकी थी। इस क्षेत्र में रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण वह अपना और अपने तीन छोटे - छोटे बच्चों का पेट पालने के लिए कोडरमा के ढोडाकोला गई थी।  जहाँ वह माइका खदान में अपने बच्चों के साथ ढ़िबरा चुनकर गुजर बसर करती थी।

वही उसकी मौत हो गई, हालांकि मौत के कारणों के बारे में कोई स्पष्ट नहीं बता रहा। सूत्रों की माने तो खदान में चाल धंसने से ननकी की मौत की बात बताई जा रही है। हालांकि महिला की मौत का असली कारण जांच में ही पता चल पाएगावहीं परिजन भी उसकी मौत के कारणों की जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं। बुधवार की देर रात एम्बुलेंस से उसका शव उसके घर पहुंचा दिया गया। ननकी की मौत के बाद उसके तीन छोटे - छोटे बच्चे यतिम हो गए हैं। अब इन बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा - कौन इनकी जिम्मेदारी उठाएगा।

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