तिसरी की बेसहारा महिला बैजन्ती देवी की मदद को आगे आए लोग, मुख्यमंत्री और बाबूलाल मरांडी ने भी दिया सहयोग का भरोसा ।
SHIKHAR DARPANThursday, June 04, 2026
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तिसरी,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत सिंघो पंचायत के लक्ष्मनिया गांव की रहने वाली बेसहारा महिला बैजन्ती देवी की खबर आप लोगों ने जरूर सुनी होगी। बैजन्ती देवी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ टूटी-फूटी झोपड़ी में किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। वह कई सरकारी सुविधाओं से अब तक वंचित हैं। पिछले दिनों कई युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी मदद के लिए आवाज उठाई थी। इसके बाद जिला साउंड एसोसिएशन सहित कई सामाजिक संगठनों ने सहायता के लिए हाथ आगे बढ़ाया। युवाओं के प्रयास से यह मामला राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए गिरिडीह उपायुक्त को इस गरीब परिवार की हरसंभव मदद करने तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी बुधवार को लक्ष्मनिया गांव पहुंचे और बैजन्ती देवी की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मिली जानकारी के अनुसार बैजन्ती देवी की शादी जोड़ासिमर निवासी शक्ति यादव से हुई है, जो दिव्यांग हैं। बैजन्ती देवी का कहना है कि ससुराल में उनके साथ मारपीट की जाती थी, जिसके बाद वह ससुराल छोड़कर अपने मायके में रहने लगीं। उनके आधार कार्ड में पता जोड़ासिमर गांव का दर्ज है। वहां उन्हें आवास योजना का लाभ तो मिला है, लेकिन अब तक आवास का निर्माण नहीं हो पाया है। आधार कार्ड में जोड़ासिमर का पता होने के कारण उन्हें वर्तमान स्थान पर राशन भी नहीं मिल पा रहा है।वर्तमान में जहां वह रह रही हैं, वह भूमि फॉरेस्ट डिमार्केशन क्षेत्र में आती है। उनके पास अपनी जमीन भी नहीं है, जिससे कई अन्य समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।सिंघो पंचायत के मुखिया हासिमुद्दीन ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशानुसार बैजन्ती देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए ग्राम सभा आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले उनकी मां पानो देवी के नाम से आवास योजना स्वीकृत हो चुकी है। ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि पानो देवी के नाम से स्वीकृत आवास को बैजन्ती देवी के नाम स्थानांतरित किया जाए।