विश्व पर्यावरण दिवस पर समाहरणालय परिसर में पौधारोपण, पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि जीवन संरक्षण का भी संकल्प है।
SHIKHAR DARPANFriday, June 05, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव के नेतृत्व में जिले के वरीय पदाधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी जयप्रकाश मेहरा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी तेज कुमार हांसदा, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नीतू कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सतत जिम्मेदारी है। वृक्ष जीवन, जल और पर्यावरण संतुलन के आधार हैं। प्रकृति हमारी सबसे अनमोल धरोहर है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली से भरा वातावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी है। एक छोटा सा प्रयास धरती को हरा-भरा बनाने में बड़ा योगदान दे सकता है।
पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि जीवन संरक्षण का भी संकल्प है। उन्होंने आमजनों से अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। आइए, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लें। पुलिस अधीक्षक, डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि एक पौधा लगाना भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हरित आवरण में वृद्धि करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण बढ़ाने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु सामूहिक रूप से संकल्प लिया।