3 वर्षों से टूटा पुल, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी; 3 किमी अतिरिक्त सफर करने को मजबूर// भारतीयचलकरी पंचायत के लेडवा गांव में विकास कार्यों पर उठे सवाल।
SHIKHAR DARPANThursday, June 18, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गौरव भक्त.
पीरटांड प्रखंड के भारतीय चलकरी पंचायत अंतर्गत लेडवा गांव में पिछले करीब 3 वर्षों से एक पुल टूटकर जर्जर स्थिति में पड़ा है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, पुल टूटने के कारण गांव के एक टोला से दूसरे टोला तक वाहन लेकर जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन, खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है।वही यह सड़क चिरकी के जिलेबिया घाटी से कटती है जो बनासो, कोंझिया,तिलैईया,कसियाडीह,चलकरी, सहित कई गांव को जोड़ती है।
स्थानीय ग्रामीणों रामकुमार राय, प्रदीप राय,मंटू राय, बबलू राय, अमृत राणा,अशोक राय,विकास राय,प्रसादी राय,मनोज राय सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में विकास योजनाएं दिखाई जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही हैं। यह पुल टूट जाने से मरीज,गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में काफी दिक्कत होती है। इसके साथ ही कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की भी समस्या है। लोगों को मजबूरी में डोभा व तालाब का पानी पीना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और गांव की मूलभूत सुविधाएं बहाल हो सकें।
*वही मुखिया प्रतिनिधि सह झामुमो नेता महावीर मुर्मु ने बताया कि उक्त सड़क का टेंडर लगभग 10 वर्ष पूर्व हुआ था और सड़क निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। हालांकि तकनीकी कारणों से अब तक पुराने टेंडर को बंद नहीं किया गया है, जिसके चलते टूटे हुए पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पुल नहीं रहने से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात के दिनों में आवागमन, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों के आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जल्द ठोस पहल करते हुए नए पुल निर्माण का रास्ता साफ करने की मांग की है।