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राष्ट्रीय मंच पर गिरीडीह की सुशासन यात्रा को मिली नई पहचान, “Giridih’s Governance Transformation” लेख में उपायुक्त रामनिवास यादव की प्रशासनिक सोच और विकास मॉडल की सराहना।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

गिरीडीह जिले की प्रशासनिक कार्यशैली, डिजिटल सुशासन और जनकेंद्रित विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रतिष्ठित India AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रकाशित विशेषांक में “Giridih’s Governance Transformation” शीर्षक से प्रकाशित लेख में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के नेतृत्व में जिले में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। लेख में गिरीडीह जिले की प्रशासनिक सोच को “एकीकृत, समावेशी और तकनीक आधारित सुशासन” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें बताया गया है कि जिला प्रशासन ने आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा डिजिटल तकनीकों के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने विचारों में कहा है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों तक समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस, निगरानी तंत्र की मजबूती, पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के माध्यम से जिले में विकास को नई गति दी जा रही है। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि गिरीडीह प्रशासन भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों, युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों पर विशेष रूप से कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर गिरीडीह जिले की उपलब्धियों को स्थान मिलना न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह जिले में चल रहे विकासात्मक प्रयासों, पारदर्शी प्रशासन और जनहितकारी कार्यों की प्रभावशीलता का भी प्रमाण है।

लेख में “जन समाधान पोर्टल” जैसी पहल का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसके माध्यम से आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पोर्टल पर प्राप्त बड़ी संख्या में शिकायतों का निष्पादन कर प्रशासन ने नागरिकों के बीच विश्वास और जवाबदेही की नई मिसाल कायम की है। प्रकाशन में विशेष रूप से *“जन समाधान पोर्टल, गिरीडीह” को एक प्रभावी Single Window Grievance Redressal System* के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति ट्रैक करने और समयबद्ध समाधान प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। *उपायुक्त ने कहा कि जिले में प्रत्येक शनिवार को फील्ड विजिट और जमीनी निरीक्षण* की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है तथा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना संभव हो सका है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पोषण ट्रैकर, जन वितरण प्रणाली की डिजिटल निगरानी, भूमि अभिलेखों के ऑनलाइन आवेदन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी पहलों को भी सराहा गया है। इन तकनीकी सुधारों से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है।

*विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार की दिशा में मजबूत पहल...

गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा जिले के समग्र विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। जिले की अर्थव्यवस्था, कृषि, पशुपालन एवं ग्रामीण उद्यमिता पर आधारित है। प्रशासन द्वारा मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्योगों एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए हैं। युवाओं के कौशल विकास हेतु पीएमकेवीवाई केंद्रों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा ब्लॉक स्तरीय स्किल हब के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट एवं उद्यमिता कार्यशालाओं के जरिए युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं सीखने के स्तर में सुधार हेतु विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। आधुनिक विज्ञान एवं आईसीटी लैब, शिक्षक प्रशिक्षण, नियमित मूल्यांकन और रिमेडियल कक्षाओं के माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वा1स्थ्य उपकेंद्रों एवं पोषण दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं की नियमित मॉनिटरिंग से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं से महिलाओं एवं किशोरियों को आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का लाभ मिल रहा है। पारदर्शिता एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा ब्लॉक स्तरीय डैशबोर्ड, शिकायत निवारण प्रणाली, ग्राम सभाओं एवं सामाजिक अंकेक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर, बैंकिंग संवाददाता एवं शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को जिले की पूरी टीम, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम बताते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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