नशा मुक्ति को लेकर भारत दिशोम आदिवासी संघ का अनोखा अभियान, मीना चौक पर हुई बड़ी बैठक।
SHIKHAR DARPANThursday, May 14, 2026
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पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता।
भारत दिशोम आदिवासी संघ की ओर से पीरटांड़ प्रखंड क्षेत्र में नशा मुक्ति को लेकर एक अनोखा और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को हड़िया, महुआ शराब व अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को हरलाडीह थाना क्षेत्र स्थित मीना चौक में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, महिलाएं एवं ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज मरांडी,खुखरा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार,हरलाडीह ओपी प्रभारी निराज कुमार, आदिवासी नेता सिकंदर हेंब्रम, माइनो हेंब्रम,बुधन हेंब्रम,भाजपा नेता श्याम प्रसाद, जेसेलपीएस के रवि कुमार,रंजीत कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से परिवार टूट रहे हैं, घरेलू हिंसा बढ़ रही है तथा युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
बैठक में विशेष रूप से महिलाओं की उपस्थिति काफी संख्या में रही। महिलाओं ने भी नशा के कारण परिवारों में उत्पन्न होने वाली परेशानियों को खुलकर रखा। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि शराबबंदी और नशामुक्त समाज के लिए सभी को एकजुट होकर आगे आने की आवश्यकता है।वक्ताओं ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और समाज निर्माण की दिशा में आगे बढ़ें। बीडीओ मनोज मरांडी ने कहा कि प्रशासन भी नशा मुक्त समाज बनाने के लिए गंभीर है और सामाजिक संगठनों के सहयोग से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं आदिवासी समाज के नेताओं ने कहा कि गांवों में नशे के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके। बैठक में पिपराडीह, हरलाडीह, कुडको, टुंडी, गांडेय, डुमरी समेत आसपास के कई गांवों से ग्रामीण पहुंचे थे। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।