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मधुबन में भारत दिशोंम आदिवासी संघ की बैठक, नशा मुक्ति अभियान चलाने का संकल्प।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता। 

भारत दिशोंम आदिवासी संघ की ओर से  दिशोंम मांझी थान मधुबन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गिरिडीह जिला अध्यक्ष रंजीत हेंब्रम एवं नौनी हांसदा ने संयुक्त रूप से की। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ जागरूकता फैलाना और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाना था। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नशा एक धीमा जहर है, जो व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज को बर्बाद कर देता है। नशे की वजह से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है तथा सड़क दुर्घटनाओं, पारिवारिक विवादों और सामाजिक अपराधों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि नशे से शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं, जिससे हृदय, फेफड़े और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। नशा करने वाला व्यक्ति तनाव, गुस्सा और चिंता का शिकार हो जाता है, जिससे पारिवारिक संबंध भी बिगड़ जाते हैं।

बैठक में समाज को शिक्षित और एकजुट करने, गांव-गांव और टोला-टोला में जागरूकता अभियान चलाने तथा छापरी प्रोग्राम और नाइट यात्रा जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। संघ के सदस्यों ने सभी थाना प्रभारियों से भी अपील की कि वे नशा उन्मूलन अभियान में सहयोग करें और समाज को नशा मुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे नशा के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही यह घोषणा की गई कि अगली बैठक 14 मई को हारलडीह मीणा चौक में आयोजित की जाएगी। जिसमें अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की गई। बैठक में बसंत सोरेन, अर्जुन हेंब्रम, दिलीप सोरेन, अनिल किस्कू, शिवाजी मुर्मू, सुनील मरांडी, सुशील मुर्मू, रसिकलाल हेंब्रम, हीरालाल टुडू सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे ।

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