माता-पिता की सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा अवसर: मुनि प्रमाणसागर।
SHIKHAR DARPANMonday, May 04, 2026
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पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।
जैन संत मुनि प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि “माता-पिता की सेवा को अवसर मानना हमारे जीवन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण दर्शन है।” उन्होंने विदेश में रह रहे युवाओं को शंकासमाधान कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि केवल पैसा कमाना या प्रतिष्ठा पाना ही जीवन का अवसर नहीं है, बल्कि माता-पिता की सेवा ही सच्चा अवसर है, जिससे जीवन सार्थक बनता है और घर में सुख-शांति आती है। उन्होंने बताया कि सकारात्मक भावनाओं और मंत्र-जाप का प्रभाव मनुष्य के मन के साथ-साथ आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सकारात्मक और नकारात्मक भावनाओं से प्रभावित जल के प्रयोग में यह देखा गया कि सकारात्मक ऊर्जा से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है, जबकि नकारात्मक प्रभाव से विकास कमजोर पड़ जाता है। साथ ही जापानी वैज्ञानिक के प्रयोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि सकारात्मक शब्दों से पानी के क्रिस्टल सुंदर बनते हैं, जबकि नकारात्मक शब्दों से वे विकृत हो जाते हैं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुनि ने कहा कि एक ही रास्ता होने के बावजूद लोगों के परिणाम अलग-अलग इसलिए होते हैं क्योंकि तरीका अलग होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दो विद्यार्थी एक ही किताब पढ़ते हैं, लेकिन जो लगन, अभ्यास और समझ के साथ पढ़ता है, वही सफल होता है। इसी प्रकार व्यापार में भी सही समय पर निर्णय और संतुलित व्यवहार सफलता दिलाता है।उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे नया रास्ता खोजने के बजाय सही तरीके से आगे बढ़ें। “रास्ता मत बदलो, अपना तरीका सुधारो, अभ्यास बढ़ाओ, तभी सफलता निश्चित मिलेगी,” उन्होंने कहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि मुनि श्री का विश्वप्रसिद्ध शंकासमाधान कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6:20 से 7:20 बजे तक लाइव प्रसारित होता है, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।