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उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

आगामी दिनांक 19 अप्रैल को जिले में आयोजित होने वाली झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (जेपीएससी) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उपायुक्त रामनिवास यादव द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों की विस्तृत ब्रीफिंग की गई। बैठक में परीक्षा से जुड़ी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय तथा अभ्यर्थियों की सुविधा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ निर्वहन करना होगा। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 43 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 15,655 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए व्यापक एवं सुदृढ़ व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बैठक में गश्ती दल सह नोडल पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट, सहायक समन्वयक तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि पर तत्काल नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने जोनल मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सभी परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता उपलब्ध हो। साथ ही, केंद्रों पर समय से प्रश्न पत्र पहुंचाने एवं परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से संग्रहण एवं प्रेषण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस नोडल पदाधिकारी को सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। गश्ती दल को लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति पर निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या कदाचार की घटनाओं को सख्ती से रोका जाए। इसके लिए स्टैटिक दंडाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे परीक्षा कक्षों के भीतर और आसपास सतर्कता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपायुक्त ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदर्शित किए जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, समय पर प्रवेश, पहचान पत्र की जांच तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने पर बल दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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