रामनवमी का जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से निकालने पर दोनों समुदाय के लोगों ने सहमति जताई।
SHIKHAR DARPANTuesday, March 17, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
आगामी रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से बगोदर-सरिया अनुमंडल कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बिरनी प्रखंड के दलांगी एवं लेबरा गांव के दोनों समुदायों के प्रमुख प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपसी समन्वय एवं संवाद के माध्यम से रामनवमी जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से निकालने पर सहमति बनाना था। बैठक के दौरान जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने दोनों समुदायों के लोगों से खुले मन से अपनी-अपनी बात रखने का आग्रह किया। उपस्थित लोगों ने पूर्व में उत्पन्न हुई कुछ समस्याओं और आशंकाओं को साझा किया, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। आपसी संवाद और समझदारी के वातावरण में दोनों समुदायों के लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि रामनवमी का जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया कि पर्व-त्योहार सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या तनाव की स्थिति को उत्पन्न होने नहीं दिया जाएगा।
जुलूस के दौरान निर्धारित मार्ग, समय एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तुरंत प्रशासन को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। बैठक में विशेष रूप से अफवाहों से बचने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि कई बार सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक सूचनाएं माहौल को खराब कर सकती हैं। इसलिए सभी लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। यदि कोई संदिग्ध सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी पुष्टि प्रशासन या स्थानीय अधिकारियों से अवश्य करें। दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी आपसी सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया और कहा कि वे अपने-अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति गलत अफवाहों के झांसे में न आए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखा जाएगा और प्रशासन का पूरा सहयोग किया जाएगा। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि रामनवमी का पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और शांति के वातावरण में मनाया जाएगा। प्रशासन और आम जनता के बीच इस सकारात्मक संवाद ने यह संदेश दिया कि यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें, तो किसी भी बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।