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रामनवमी जुलूस को सर्वे रास्ते से निकालने की मांग को लेकर भाजपा का अनिश्चितत कालीन धरना।

बिरनी,शिखर दर्पण संवाददाता।

बिरनी प्रखंड के लेवरा-दंलागी क्षेत्र में रामनवमी जुलूस को सर्वे रास्ते से निकालने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय गेट के समीप प्रशासन के खिलाफ एक दिवसीय अनिश्चितकालीन धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय ग्रामीण तथा हिंदू संगठनों के सदस्य शामिल हुए। धरना पर बैठे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सर्वे रास्ता नहीं रहने के कारण किसी तरह वैकल्पिक मार्ग से रामनवमी जुलूस निकाला जाता था। लेकिन वर्तमान में उस मार्ग पर मकान निर्माण हो जाने के कारण जुलूस निकालना संभव नहीं रह गया है। ऐसी स्थिति में अब केवल सर्वे रास्ता ही एकमात्र विकल्प बचा है, जिससे जुलूस निकाला जा सकता है।नेताओं ने बताया कि उक्त सर्वे रास्ते को लेकर पिछले करीब तीन वर्षों से ग्रामीण प्रशासन से लगातार मांग करते आ रहे हैं। कई बार आवेदन और आग्रह करने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल तारीख पर तारीख देकर मामले को टालता रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रामनवमी हिंदू समाज का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है और इस अवसर पर निकलने वाला जुलूस क्षेत्र की वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में जुलूस के मार्ग को लेकर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होना लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वे रास्ते से रामनवमी जुलूस निकालने की अनुमति सुनिश्चित की जाए।भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरहलोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। वे केवल अपनी जायज मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए धरना दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रामनवमी जुलूस को सर्वे रास्ते से निकालने की अनुमति दी जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा को बनाए रखा जा सके।कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रशासन को सभी पक्षों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए और आपसी सहमति से समस्या का समाधान निकालना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और प्रशासन को भी इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।धरना के दौरान भाजपा के कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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