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हंडिया-दारू छोड़ सखि मंडल की महिलाओं ने अपनाई सम्मानजनक आजीविका।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

महेशलिट्टी गांव की महिलाओं ने सखि मंडल से जुड़कर अपने जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले गांव की कई महिलाएं परंपरागत रूप से हंडिया-दारू बेचकर अपना जीवन यापन करती थीं। इस काम के कारण उन्हें अक्सर परिवार में डांट-फटकार, गाली-गलौज और मारपीट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।करीब पांच वर्ष पहले JSLPS (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के माध्यम से गांव में सखि मंडल का गठन किया गया, जिसमें यहां की महिलाएं अलग-अलग समूहों में जुड़ गईं। इसी दौरान झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के तहत समूह की महिलाओं को बिना ब्याज के एक वर्ष के लिए 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई।इस राशि से गांव की बिना देवी, पति बजेंद्र महतो ने 10 बकरियां खरीदकर बकरी पालन का कार्य शुरू किया। मेहनत और लगन से आज उनके पास लगभग 25 बकरियां हो गई हैं।

इसके साथ ही वे खेती-बाड़ी भी कर रही हैं, जिससे उन्हें सालाना करीब 1.50 लाख रुपये की आमदनी हो रही है।गांव की अन्य महिलाएं भी सखि मंडल से जुड़कर अलग-अलग स्वरोजगार अपना रही हैं। गुड़िया देवी किराना दुकान चलाकर अच्छी आमदनी कर रही हैं। गांव की कई महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।इसी कार्यों का निरीक्षण करने के लिए कार्यक्रम लीड पीजेएए श्रीमती मन्ना स्वाति बेक, डीएल दिव्यप्रकाश, बीपीएम रवि कुमार, फील्ड थीमैटिक कोऑर्डिनेटर बिनोद ठाकुर, ब्लॉक लीड मृत्युंजय कुमार, राज किशन एवं नवजीवन सखी सबिता मुर्मू गांव पहुंचे। इस दौरान एक बैठक आयोजित कर अधिकारियों ने समूह की महिलाओं को विभिन्न योजनाओं और स्वरोजगार के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।अब गांव की महिलाएं हंडिया-दारू का काम छोड़कर सम्मानजनक तरीके से जीवन यापन कर रही हैं। इससे उनके परिवारों में खुशहाली आई है और पूरे गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

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