गिरिडीह में हेलिकॉप्टर की उड़ान से मचा कौतूहल, एयर सर्वे और लीथियम खोज का चला रहा कार्य।
SHIKHAR DARPANSunday, March 22, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिले के आसमान में पिछले दो दिनों से लगातार हेलिकॉप्टर की उड़ान ने लोगों के बीच उत्सुकता और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। शनिवार को दिनभर और रविवार सुबह करीब 10 बजे से फिर हेलिकॉप्टर शहर के आसमान में चक्कर लगाता दिखाई दिया। गिरिडीह शहर, औद्योगिक क्षेत्र समेत कई प्रखंडों के ऊपर बार-बार उड़ान भरते हेलिकॉप्टर को देखकर लोग इसके पीछे की वजह जानने को उत्सुक नजर आए। जानकारी लेने पर स्पष्ट हुआ कि जिले में जीपीएस-जीएनएसएस आधारित एयर सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे उन स्थानों का हो रहा है, जहां आपात स्थिति, सरकारी कार्यक्रम या बड़े नेताओं के आगमन के दौरान हेलीपैड का निर्माण किया गया है या प्रस्तावित है। सर्वे के दौरान हेलिकॉप्टर में लगे अत्याधुनिक उपकरण—जीपीएस-जीएनएसएस रिसीवर, एलआईडीएआर (LiDAR) और हाई रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से जमीन का सेंटीमीटर स्तर तक सटीक डेटा एकत्र किया जा रहा है।
इस डेटा को बाद में जीआईएस सॉफ्टवेयर के जरिए डिजिटल मैप में परिवर्तित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से दुर्गम और पहुंच से दूर इलाकों का भी सटीक आकलन संभव हो पाता है।लगातार हेलिकॉप्टर उड़ान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। कई लोग इसे बोड़ो हवाई अड्डे के रनवे विस्तार से जोड़कर देख रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन ने इन अटकलों को खारिज कर वास्तविक कारण स्पष्ट किया।इधर, जिले के तिसरी क्षेत्र में भी अलग से सर्वे का कार्य जारी है। यहां भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की टीम लीथियम की संभावित उपलब्धता को लेकर अध्ययन कर रही है। बताया जा रहा है कि तिसरी-गावां के अभ्रक पट्टी क्षेत्र में लीथियम भंडार की संभावना को देखते हुए हवाई सर्वे किया जा रहा है।इस संबंध में उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जहां-जहां हेलीपैड का निर्माण हुआ है, वहां एयर सर्वे कराया जा रहा है। इसी वजह से हेलिकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहा है। वहीं तिसरी क्षेत्र में लीथियम की उपलब्धता की जांच के लिए जीएसआई की अलग टीम काम कर रही है।