उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला परिवहन पदाधिकारी ने ताराटांड़ थाना और महतोडीह पिकेट के पास भारी/ओवरलोडेड वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया।
SHIKHAR DARPANFriday, March 20, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिला उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार आज जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने ताराटांड़ थाना और महतोडीह पिकेट के पास भारी/ओवरलोडेड वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को नियंत्रित करना, ओवरलोडिंग पर रोक लगाना तथा यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना था। इस दौरान विशेष रूप से भारी मालवाहक वाहनों जैसे ट्रक, ट्रेलर और डंपर की जांच की गई। महतोडीह पिकेट पर चलाए गए जांच अभियान के दौरान कुल 7 ओवरलोडेड वाहनों को जब्त किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि ये वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक माल लेकर चल रहे थे, जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। जिला परिवहन पदाधिकारी ने मौके पर ही सभी आवश्यक कागजातों की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की। वहीं, ताराटांड़ थाना क्षेत्र में भी सघन जांच अभियान चलाया गया, जहां 4 ओवरलोडेड वाहनों को पकड़ा गया।
इन वाहनों में भी क्षमता से अधिक भार पाया गया, जिसके कारण उन्हें जब्त करते हुए नियमानुसार जुर्माना लगाने की प्रक्रिया आरंभ की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है, जिससे न केवल आम नागरिकों की जान को खतरा होता है बल्कि सड़कों एवं पुल-पुलियों को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने वाहन चालकों एवं मालिकों से अपील की, कि वे निर्धारित मानकों का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें। इस अभियान में पुलिस विभाग की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे जांच कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ। संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहनों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस जांच अभियान से जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। प्रशासन का यह प्रयास आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।