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उसरी नदी की धारा रोकने का आरोप, ग्रामीणों व माले नेताओं ने जताया विरोध।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

उसरी क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री द्वारा मोटर लगाकर उसरी नदी की मुख्य धारा को रोकने और पानी को स्टॉक करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों तथा माले नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है। उसरी बचाव अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने कहा कि प्रकृति और जलस्रोतों की बर्बादी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जाड़ा और गर्मी दोनों मौसम में रात के समय नदी से पानी खींचकर फैक्ट्री में जमा किया जाता है, जिससे उसरी जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता और जलधारा प्रभावित हो रही है।माले नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि ग्रामीणों में जागरूकता लाकर इस मुद्दे को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि असंगठित मजदूर मोर्चा और माले कार्यकर्ता स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहां फैक्ट्री परिसर के अंदर से पाइपलाइन बनाए जाने के प्रमाण स्वरूप वीडियो और फोटो भी लिए गए। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच करने की मांग की।

राजेश सिन्हा ने कहा कि उसरी नदी का पानी फैक्ट्री में खींचने का कोई वैध प्रावधान नहीं है और यह कार्य कथित रूप से फर्जी तरीके से किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पहले गर्मी के दिनों में भी जलप्रपात में पर्याप्त पानी रहता था, लेकिन अब गर्मी में पानी लगभग समाप्त हो जाता है, जो प्राकृतिक छेड़छाड़ का संकेत है। उन्होंने जल्द ही संबंधित अधिकारियों को आवेदन देने और प्रकृति प्रेमियों को जोड़कर व्यापक अभियान चलाने की बात कही।ग्रामीणों—मसूदन कोल, किशोर राय, भीम कोल और लखन कोल—ने भी आरोप लगाया कि नदी में बड़े गड्ढे बनाकर मोटर के जरिए पानी निकाला जा रहा है और विरोध करने वालों पर मुकदमे तक किए जाते हैं। माले व असंगठित मजदूर मोर्चा ने उपायुक्त, एसडीएम, डीएमओ तथा डीवीसी सहित संबंधित विभागों को आवेदन देने की घोषणा की है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि नदी और जलप्रपात की प्राकृतिक धारा सुरक्षित रह सके।

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