आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन द्वारा जिला में विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया, दिए गए जरूरी दिशा-निर्देश।
SHIKHAR DARPANThursday, February 12, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन द्वारा गिरिडीह जिला में विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। आयोग की प्रभारी अध्यक्ष द्वारा आंगनबाड़ी नर्सरी स्कूल, पुरनी चितरपुर और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, विशुनपुर, धनवार का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं, बच्चों की उपस्थिति, बच्चों को मिल रही भोजन की सामग्री और गुणवत्ता आदि का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के लिए भोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। साथ ही PMMVY से संबंधित लाभ लाभुकों को स-समय मिल सके, यह सुनिश्चित करने का निर्देश सेविका को दिया गया। कुपोषित बच्चों को कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराने हेतु बच्चों की माताओं को प्रेरित करने का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा प्रभारी अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिया गया कि जो बच्चे अंडा नहीं खाते हैं, उन्हें मौसमी फल दें एवं मेन्यू का दीवार लेखन सही ढंग से कराएं।
इसके अलावा विद्यालय के बच्चों को आयोग का व्हाट्सएप नंबर भी उपलब्ध कराते हुए, शिकायत होने पर शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया। इसके पश्चात राशन डीलर गुलाम हुसैन अंसारी, पंचायत लालबाजार, राजधनवार, गिरिडीह का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान पर सूचना पट्ट अंकित पाया गया। डीलर द्वारा लाभुकों को पर्ची दिए जाने एवं लाभुकों को किसी प्रकार की शिकायत नहीं होने की बात कही गई। आयोग की प्रभारी अध्यक्ष द्वारा जिले के सभी राशन दुकान में आयोग का व्हाट्सएप नंबर अंकित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही कुपोषण उपचार केंद्र, राजधनवार, गिरिडीह का स्थलीय निरीक्षण किया गया। केंद्र में कुल 10 बेड की क्षमता है, वर्तमान में कुल 3 बच्चे भर्ती पाए गए। केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं द्वारा सही ईलाज होने, प्रतिदिन भोजन मिलने एवं प्रतिदिन 130 रुपए की राशि मिलने की बात कही गई। इसके पश्चात परिसदन भवन, गिरिडीह में जिले के अधिकारियों के साथ झारखण्ड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक के दौरान आयोग में दर्ज लंबित शिकायतों की प्रति संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने एवं कृत कार्रवाई से आयोग को 15 दिनों के सूचित करने का निर्देश दिया गया।
आयोग द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पी एम पोषण से संबंधित पाए गए अनियमितता से संबंधित मामले को जिला शिक्षा अधीक्षक के संज्ञान में लाते हुए, उन्हें कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही उन्हें जिले के सभी विद्यालयों का निरीक्षण कर अनियमितता को दूर करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान प्रभारी अध्यक्ष द्वारा उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निगरानी समिति की बैठक समय समय पर करें एवं उस बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित मामलों का निपटारा करें।प्रभारी अध्यक्ष द्वारा झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष के विषय पर चर्चा की गई। कहा गया कि वैसे असहाय, निर्धन व्यक्ति जो अपने संसाधन से भोजन की व्यवस्था नहीं कर सकते हैं एवं उनके समक्ष भोजन का संकट हो, तो उन्हें आकस्मिक खाद्यान्न कोष से बाजार दर पर 10 kg राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान झारखण्ड सरकार द्वारा किया गया है।
प्रभारी अध्यक्ष द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिले के सभी पंचायतों में 10 हजार की राशि उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करें। प्रभारी अध्यक्ष द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मृत व्यक्ति या अयोग्य व्यक्तियों की पहचान कर उनका राशन कार्ड से नाम हटाएं एवं योग्य लाभुकों का नाम राशन कार्ड में जोड़ें। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को पीडीएस दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र एवं विद्यालयों में आयोग का व्हाट्सएप नंबर अंकित कराने का निर्देश दिया गया।बैठक में झारखण्ड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष के अलावे, अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, नगर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, विभिन्न प्रखंडों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी/पणन पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।