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प्रवासी मजदूर की दुबई में मौत पर बवाल, मुआवजा व पावर ऑफ अटॉर्नी विवाद को लेकर अनुमंडल कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना।

डुमरी,शिखर दर्पण संवाददाता।

मधगोपाली पंचायत के दुधपनिया गांव निवासी सह प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की दुबई में हुई मौत के बाद मुआवजा भुगतान और शव भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि बिना मुआवजा भुगतान के दुबई से शव मंगाने तथा पावर ऑफ अटॉर्नी प्रकरण में डुमरी थाना प्रभारी की अनुचित भूमिका रही है। इसी के विरोध में मंगलवार को मृतक के परिजनों व पंचायत के दर्जनों महिला-पुरुषों ने अनुमंडल कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए कोई पहल नहीं हुई थी।धरना का नेतृत्व पूर्व मुखिया सह विधायक प्रतिनिधि रामप्रसाद महतो उर्फ रामू, मृतक के पिता सूर्यनारायण महतो, चाचा लोकनाथ महतो व ससुर चिंतामन महतो कर रहे हैं। धरना में जिप सदस्या सुनीता कुमारी, पूर्व प्रमुख यशोदा देवी, मुखिया जागेश्वर महतो, भाकपा माले प्रखंड सचिव नागेश्वर महतो, झाएकिमयू केन्द्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो, प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सिकंदर अली व मोहन महतो सहित कई लोग शामिल हुए और नैतिक समर्थन दिया।पत्नी ने लगाया गंभीर आरोप।

मृतक की पत्नी बसंती देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मृत्यु हो गई थी। पार्थिव शरीर को भारत लाने तथा कंपनी से मिलने वाली वैधानिक मुआवजा राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया विधिसम्मत रूप से चल रही थी। इसी बीच डुमरी थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से धोखाधड़ी कर अपने स्तर से पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार किया गया, जबकि उन्होंने या परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई सहमति नहीं दी। बसंती देवी का कहना है कि चौकीदार विवेक कुमार व एक अन्य व्यक्ति उनसे मिलने आए और सफेद कागज पर हस्ताक्षर ले लिया। बाद में बताया गया कि पावर ऑफ अटॉर्नी बना दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच करायी जाए तथा मुआवजा प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पुनः प्रारंभ किया जाए।एनओसी व पावर ऑफ अटॉर्नी के लिए बनाया गया दबाव: पिता मृतक के पिता सूर्यनारायण महतो ने कहा कि घटना के बाद से ही उन पर एनओसी देने और पावर ऑफ अटॉर्नी बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परिवार की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी दिया ही नहीं गया, तो शव भारत कैसे लाया गया। पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार।

*वहीं, डुमरी थाना प्रभारी प्रणित पटेल ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पावर ऑफ अटॉर्नी पर मृतक की पत्नी के हस्ताक्षर हैं और इसका गवाह भी मौजूद है। समझ नहीं आता कि किस वजह से इस प्रकार का आरोप लगाया जा रहा है।
*इधर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार ने कहा कि घटना के बाद से पुलिस परिजनों के साथ खड़ी रही है और हर संभव सहयोग किया गया है। पावर ऑफ अटॉर्नी पर बसंती देवी के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने बताया कि शव रांची पहुंच चुका है और परिजनों का जो भी निर्णय होगा, पुलिस सहयोग करेगी।

*धरना स्थल पर शंकर महतो, अंजू देवी, उमिया देवी समेत दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं। परिजन सम्मानजनक समाधान व मुआवजा भुगतान की मांग पर अड़े हुए हैं।

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