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अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र पचम्बा मैदान में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र पचम्बा मैदान में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त रामनिवास यादव और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारी के अलावा जिले के सभी प्रखण्डों से अधिक से अधिक संख्या में किसान, किसान मित्र, प्रगत्तिशील कृषक उपस्थित थे। इस मेले में कृषि एवं कृषि संबंध विभाग के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्र एफपीओ खाद बीज भंडार सहित कुल 18 स्टॉल लगाए गए एवं मंच के साथ-साथ कृषि एवं कृषि संबंध विभाग के पदाधिकारी सभी विभाग के कर्मी किसान मित्र एग्री स्मार्ट ग्राम के कृषक पाठशाला के कर्मी प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सहायक तकनीकी प्रबंधक जन सेवक एग्री क्लीनिक के कर्मी कृषक उत्पादक संगठन के कृषक विभिन्न प्रखंड से सैकड़ो किसान उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि यह मेला किसानों के लिए नयी तकनीकों, जैविक खेती, उद्यानिकी और मत्स्य पालन में उन्नति के अवसर प्रदान करेगा। मेले में किसानों को उनकी उपज का मूल्य बढ़ाने, विपणन रणनीतियों और पर्यावरण अनुकूल खेती पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उपायुक्त ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर जायजा लिया तथा मेले में प्रदर्शित कृषि उपकरण, तकनीकी नवाचार, जैविक उत्पादों, फसलों, फल, फूल और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा, "इन स्टालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और संसाधनों की जानकारी मिल रही है, जो उनके उत्पादन को बढ़ाने और लागत कम करने में सहायक होगी। फल और सब्जी प्रदर्शनी ने किसानों को उनकी फसलों के बेहतर उत्पादन और संरक्षण के नए तरीकों से परिचित कराया। इस प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, स्थानीय सब्जियों और फलों की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि यह मेला किसानों के लिए बहुत लाभकारी है और अधिक प्रचार प्रसार करते हुए किसानों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है इनके द्वारा बताया गया कि तकनीकी ढंग से खेती करने की सलाह को यदि किसान अपने छिड़काव की विधि एवं समय पर करें तो किसानो को अधिक लाभ होगा। पानी की कमी को देखते हुए खेती कार्य समय पर नहीं हो पाता है किसी और विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे सिंचाई सुनिश्चित हो सके क्योंकि खेती सिंचाई पर ही निर्भर है। इसके लिए चेक डैम ,तालाब कूप जैसे योजना पर ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे पानी संरक्षित कर खेती करने में सहायक हो सकता है।

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार के द्वारा बताया गया कि किसान स्वावलंबी बने किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर खेती की लागत कम कर सकते हैं जैसे बीज का चुनाव बीज की मात्रा समय पर सिंचाई पौधे की दूरी बीज उपचार रोगों में अनुशंसित दवाई का प्रयोग आदि अपनाते हुए अपनी खेती की लागत को कम कर सकते हैं साथ ही साथ नीम, करंज, सरसों खली आदि का उपयोग करें। वैज्ञानिक विधि से खेती की विस्तृत जानकारी इनके द्वारा दी गई वैज्ञानिक विधि से खेती करने से 5 से 7 गुना मुनाफा बढ़ जाता है। आत्मा प्रचार प्रसार के लिए ही मुख्य रूप से जिले में किसानों के लिए कार्य कर रही है। प्रखंड स्तर पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान मित्र कार्य कर रही है। इस प्रचार प्रसार के कड़ी में ही किसान मेला एक बहुत ही पारदर्शी तरीके से संबंधित किसानों को बहुत सारी जानकारी के साथ उसकी आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए सभी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने का का प्रयास है। वहीं किसान मेला में कई लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। एक आजीविका को ट्रैक्टर की चाभी सौंपा गया। साथ ही 05 लाभुकों को मत्स्य विभाग द्वारा मोटरसाइकिल और आईसबॉक्स दिया गया। 

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