पचंबा थाना पुलिस पर भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप, CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग।
SHIKHAR DARPANWednesday, September 09, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता श्रेयांश सौरव ने पचंबा थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता की। उन्होंने 3 सितंबर की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि नाबालिग पीड़िता के परिजनों के साथ खड़े होने पर पुलिस ने उनके और अन्य लोगों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। श्रेयांश के अनुसार, एक नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर परेशान किए जाने और उसके परिजनों को धमकी दिए जाने के बाद छात्रा के भाई व दोस्तों के साथ मारपीट की घटना के विरोध में वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री सह वार्ड संख्या-6 के पार्षद संजीव कुमार के साथ थाने पहुंचे थे। बताया गया कि पीड़िता की मां के बुलाने पर वे वहां पहुंचे थे।उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान लालो राईन अपने कई समर्थकों के साथ थाना परिसर पहुंचे। पीड़िता की मां से बातचीत के दौरान कहासुनी होने लगी, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। श्रेयांश का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वार्ड पार्षद संजीव कुमार के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
श्रेयांश ने बताया कि उन्होंने घटना का वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर वीडियो डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्हें थाना परिसर में बंद कर लाठी-डंडे से मारपीट किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया। बाद में भाजपा नेताओं के थाना पहुंचकर विरोध करने के बाद उन्हें छोड़े जाने की बात कही गई।श्रेयांश ने बताया कि 5 सितंबर को भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ गिरिडीह एसपी को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देने का उन्होंने आरोप लगाया है। उन्होंने पचंबा थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच कराने की मांग की है। श्रेयांश का आरोप है कि थाना प्रभारी को सबसे पहले थाना परिसर में जमा भीड़ को हटाने का निर्देश देना चाहिए था, लेकिन ऐसा किए बिना सीधे लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने घटना का वीडियो बनाने से रोकने और कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उनके साथ बल प्रयोग किया।श्रेयांश सौरव ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।