Type Here to Get Search Results !

पीरटांड़ में फिर हाथियों का उत्पात, फसलों को रौंदा//कर्णपुरा, कुम्हरलालो और दूधनिया में रातभर मंडराता रहा हाथियों का झुंड, ग्रामीणों में दहशत।

पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता। 

पीरटांड़ प्रखंड के विभिन्न इलाकों में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। मंगलवार की रात दर्जनों हाथियों के झुंड ने कुम्हरलालो पंचायत के कर्णपुरा, कुम्हरलालो और दूधनिया गांवों में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने खेतों में लगी फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया। वहीं, कई स्थानों पर चहारदीवारी को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। रात के समय गांवों के आसपास हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे और पूरी रात भय के साये में गुजारी। ग्रामीणों का कहना है कि पीरटांड़ के विभिन्न गांवों में हाथियों का झुंड आए दिन पहुंच रहा है, जिससे जान-माल के साथ-साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
*आग और पटाखों से हाथियों को भगाने का प्रयास*
हाथियों के गांव में प्रवेश करने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। ग्रामीणों ने भी टीम के साथ मिलकर हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास किया। इस दौरान आग जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की गई। हालांकि, हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।

*जंगल के आसपास भी दिखा झुंड*
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम तक कठवारा और दूधनिया के बीच जंगल के आसपास हाथियों के झुंड की मौजूदगी देखी गई। इसके बाद आसपास के गांवों में लोग और अधिक सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी रात के समय दोबारा आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।
*ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी प्रभावित* 
इलाकों में निगरानी बढ़ाने, समय रहते ग्रामीणों को सूचना देने और हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष हाथियों के कारण फसल और संपत्ति को नुकसान होता है तथा कई बार लोगों की जान पर भी खतरा मंडराता है। ऐसे में हाथी प्रभावित गांवों के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान की जरूरत है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.