मधुबन की तारन तरण गली का हाल बेहाल, कीचड़ और जलजमाव से लोगों की बढ़ी परेशानी।
SHIKHAR DARPANThursday, August 20, 2026
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मधुबन,शिखर दर्पण संवाददाता।
जैन धर्म के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी की तलहटी में स्थित मधुबन की तारन तरण गली इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। बारिश के बाद गली की सड़क पर जगह-जगह गड्ढों में पानी जमा हो गया है, वहीं पूरी सड़क कीचड़ से सनी हुई है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।तारन तरण गली मधुबन के प्रमुख आवासीय एवं आवागमन वाले इलाकों में शामिल है। बावजूद इसके सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश होने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा बना रहता है। पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गली में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। कई जगह सड़क के किनारे नालियां भी ठीक स्थिति में नहीं हैं। जलजमाव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं लगातार जमा पानी से आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मधुबन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु श्री सम्मेद शिखरजी की यात्रा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थ क्षेत्र से जुड़ी गलियों की खराब स्थिति श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मधुबन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल में सड़क और नाली की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तारन तरण गली की तत्काल मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो सकती है। अब देखना होगा कि स्थानीय लोगों की इस समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और तारन तरण गली को जलजमाव एवं कीचड़ की समस्या से कब तक राहत मिलती है।