स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा, निर्माण कार्यों में तेजी एवं स्वास्थ्य योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि का दिया निर्देश।
SHIKHAR DARPANThursday, August 20, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM ABHIM), 15वें वित्त आयोग, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने PM ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित निर्माणाधीन CHC, HSC एवं अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी लाने तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करें तथा कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
*अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं सेवा गुणवत्ता पर विशेष जोर:- उपायुक्त ने जिले के सभी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक जांच एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग करते हुए आम नागरिकों को सुगम, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। *टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने का निर्देश:- उपायुक्त ने नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को माइक्रो प्लान के अनुसार नियमित टीकाकरण अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने तथा प्रत्येक बच्चे का नियमित वजन एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ANC रजिस्ट्रेशन, संस्थागत प्रसव एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पंजीकरण, जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी निगरानी की जाए।
*टीबी उन्मूलन एवं अन्य स्वास्थ्य अभियानों की भी हुई समीक्षा:- बैठक में नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम, ई-संजीवनी पोर्टल, एनीमिया मुक्त भारत, टीबी मुक्त पंचायत, निश्चय मित्र, ANC रजिस्ट्रेशन, संस्थागत प्रसव एवं नियमित टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा टीबी मुक्त पंचायत के लक्ष्य की दिशा में समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी उसका लाभ समय पर पहुंचे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी जवाबदेही, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करें।बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, एन.आर.ई.पी. सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।