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मंगरोडीह पंचायत भवन में नशा मुक्ति जागरूकता सेमिनार, महिलाओं ने लिया नशामुक्त गांव का संकल्प।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

राज्य सरकार द्वारा निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध संचालित राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत आज गिरिडीह प्रखंड अंतर्गत मंगरोडीह पंचायत भवन में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, विशेषकर महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त गांव एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीके से अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएं केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का मार्गदर्शन करती हैं। यदि महिलाएं जागरूक हों और नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ी हों, तो परिवार के साथ-साथ गांव और समाज को भी नशे की बुराइयों से मुक्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है, सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है तथा स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। इसलिए सभी लोगों को नशे से दूरी बनाकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशे के विरुद्ध सामूहिक जनभागीदारी और सतत जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित जेएसएलपीएस (JSLPS) के प्रबंधक जेवियर एक्का ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं से अपील की कि वे अपने गांवों में जागरूकता की अलख जगाएं और नशामुक्त गांव के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन तभी संभव है जब समुदाय स्वयं आगे बढ़कर इसकी जिम्मेदारी उठाए। सेमिनार के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

महिलाओं ने नशे के कारण परिवारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों, घरेलू कलह, आर्थिक नुकसान एवं सामाजिक समस्याओं पर चिंता व्यक्त की तथा अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए नशे से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया। इसके अतिरिक्त सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से भी नशा मुक्ति संबंधी संदेशों, लघु फिल्मों एवं जागरूकता सामग्री का प्रदर्शन किया गया। एलईडी वाहन के जरिए ग्रामीणों को निषिद्ध मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनके सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशामुक्त जीवन के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त गांव एवं नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। 

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