भाकपा-माले का 14वां जिला सम्मेलन 28-29 जून को मधुबन में, दीपांकर भट्टाचार्य होंगे शामिल।
SHIKHAR DARPANMonday, June 22, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
भाकपा-माले का 14वां गिरिडीह जिला सम्मेलन आगामी 28 एवं 29 जून को मधुबन में आयोजित होगा। सम्मेलन को लेकर सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को जिला सचिव अशोक पासवान, किसान नेता पूरन महतो, माले नेता राजेश सिन्हा एवं कन्हाई पांडेय ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, किसानों और मजदूरों की समस्याओं तथा कॉरपोरेट घरानों के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ सम्मेलन में व्यापक चर्चा होगी और संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। प्रेस वार्ता में नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन हो रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि NEET और CUET-UG जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। स्थानीय मुद्दों पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि झारखंड सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उद्योगों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। गिरिडीह के युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जबकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने भूमि माफियाओं, विस्थापन, पलायन, मनरेगा में भ्रष्टाचार, राशन व्यवस्था की अनियमितताओं और किसानों की जमीन ऑनलाइन करने में आ रही समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। माले नेताओं ने गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे नदी-नाले, तालाब, खेती योग्य जमीन और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मधुबन क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे पीरटांड़ प्रखंड में विभिन्न विभागों में लूट और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है तथा इसे राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। वहीं कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाकपा-माले के विधायक लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करते हैं। प्रेस वार्ता में बताया गया कि सम्मेलन में भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सांसद सुदामा प्रसाद, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, निरसा विधायक अनूप चटर्जी, पूर्व विधायक विनोद सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार यादव तथा महिला नेत्री जयंती चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। भाकपा-माले ने जिले के किसानों, मजदूरों, ग्रामीण गरीबों, छात्र-नौजवानों एवं महिलाओं से बड़ी संख्या में सम्मेलन में भाग लेने और जनसंघर्ष को मजबूत करने की अपील की है।