बगोदर,शिखर दर्जण संवाददाता।
नेशनल हाईवे किनारे लगने वाली बाजार-हाट को वैकल्पिक स्थल पर शिफ्ट करने के जिला प्रशासन के आदेश के विरोध और अतिक्रमण हटाने में कथित भेदभाव के खिलाफ फुटपाथी दुकानदारों द्वारा आहूत बगोदर बाजार बंद मंगलवार को सफल रहा। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद फुटपाथी दुकानदारों और समर्थकों ने बाजार बंद को शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाया।इस संबंध में 26 मई को ट्रेनिंग कॉलेज मैदान में फुटपाथी दुकानदारों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि बगोदर-सरिया एसडीएम के नेतृत्व में राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ हुई बैठक में बगोदर बाजार को तीन चरणों में अतिक्रमण मुक्त करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थाना गेट के सामने सड़क किनारे खड़ी जब्त गाड़ियों, सरकारी जमीनों तथा राजनीतिक दलों द्वारा कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया।
दुकानदारों ने कहा कि प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए नेहरू चौक समेत सरिया रोड के एक हिस्से को स्वेच्छा से खाली किया गया है। वहीं बस पड़ाव स्थित जिला परिषद भवन पर राजनीतिक दलों के कब्जे और केसरे हिंदी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी उठाई गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाने के नाम पर भेदभाव किया गया तो फुटपाथी दुकानदार आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि 25 मई को आहूत बाजार बंद इसी विसंगति के विरोध में किया गया था, जिसे लोगों का व्यापक समर्थन मिला। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से फुटपाथी दुकानदार संघ का गठन किया गया। संघ के अध्यक्ष गुड्डू कुमार, सचिव कुंदन कुमार, कोषाध्यक्ष प्रकाश साव, उपाध्यक्ष छोटु कुमार और मो. जमाल अंसारी तथा सह सचिव संतोष कुमार गुप्ता चुने गए। वहीं विश्वनाथ साव को प्रेस प्रवक्ता बनाया गया। इसके अलावा 25 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता संतोष कुमार ने की, जबकि संचालन विश्वनाथ साव ने किया।