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खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं एवं फल विक्रेताओं हेतु दिशा-निर्देश जारी।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

आम जनमानस के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव द्वारा खाद्य व्यवसाय संचालकों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं तथा फल विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हाल के दिनों में विभिन्न समाचार माध्यमों में गुपचुप, पानीपुरी एवं अन्य खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से गुपचुप, पानीपुरी, चाट, फास्ट फूड, ठेला एवं फुटपाथ दुकानदारों सहित सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि खाद्य सामग्री तैयार करने में केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग किया जाए। खाद्य पदार्थों को साफ-सुथरे वातावरण में तैयार एवं सुरक्षित तरीके से संग्रहित करना अनिवार्य होगा।

मसाले, आलू, चटनी एवं अन्य उपयोग में आने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण अथवा खाद्य जनित बीमारी की संभावना न रहे। इसके अतिरिक्त ग्राहकों को खाद्य सामग्री परोसते समय दस्ताने (ग्लव्स) का उपयोग करना आवश्यक बताया गया है। विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने हेतु साफ कपड़े, एप्रन, मास्क एवं कैप का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही खाद्य पदार्थों को सदैव ढककर रखने तथा दुकान एवं आसपास के परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि बासी, खराब अथवा दूषित खाद्य सामग्री का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा केवल ताजा एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री का ही विक्रय किया जाए। खाद्य रंग, फ्लेवर एवं अन्य रसायनों का उपयोग केवल FSSAI मानकों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। पैक्ड खाद्य सामग्री बेचने वाले व्यवसायियों को लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि एवं अन्य आवश्यक विवरण अंकित करना अनिवार्य होगा। फल विक्रेताओं के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि फलों को कृत्रिम रूप से पकाने हेतु कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे रसायनों का उपयोग मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी विक्रेता द्वारा इस प्रकार के रसायनों का उपयोग पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि समय-समय पर खाद्य प्रतिष्ठानों, ठेला दुकानों एवं बाजार क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु संग्रहित किए जाएंगे। यदि कोई विक्रेता खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों एवं विक्रेताओं से अपील की है कि वे नियमों एवं मानकों का पूर्ण पालन करें तथा सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। जनता से भी अपील की गई है कि वे स्वच्छ एवं प्रमाणित स्थानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें तथा किसी प्रकार की शिकायत होने पर संबंधित विभाग को सूचित करें।

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