Type Here to Get Search Results !

बकरीद तक बालमुकुंद फैक्ट्री का धरना स्थगित, 5 जून को बड़े आंदोलन का ऐलान।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

बालमुकुंद फैक्ट्री के सामने 13 मई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बकरीद पर्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। बुधवार को धरना स्थल पर असंगठित मजदूर मोर्चा एवं भाकपा माले नेताओं की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि “धरना स्थगित हुआ है, खत्म नहीं।”बैठक में असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव नीताय महतो, माले जिला सचिव अशोक पासवान, किसान नेता पूरन महतो, नगर सचिव राजेश सिन्हा एवं वरिष्ठ नेता कन्हाई पांडेय समेत कई नेता मौजूद थे।  बताया गया कि देर रात अंचल अधिकारी, बीडीओ और मुफस्सिल थाना प्रभारी धरना स्थल पहुंचे और बकरीद पर्व को देखते हुए आंदोलन कुछ दिनों के लिए रोकने का आग्रह किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ। आंदोलनकारियों ने कहा कि पर्व का सम्मान करते हुए फिलहाल धरना स्थगित किया गया है, लेकिन जल्द ही हजारों मजदूरों के साथ फिर फैक्ट्री गेट पर आंदोलन होगा।

वही असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव नीताय महतो ने आरोप लगाया कि जिले के विधायक, सांसद और मंत्री पूंजीपतियों के साथ खड़े हैं और मजदूर विरोधी रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 5 जून को बड़ी बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी और आने वाले दिनों में हजारों मजदूर सड़क पर उतरेंगे। माले जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और 10 दिनों के भीतर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन पर लोकतांत्रिक आंदोलन दबाने का आरोप लगाया। किसान नेता पूरन महतो ने कहा कि प्रशासन के आग्रह पर बकरीद तक आंदोलन को विराम दिया गया है, लेकिन आगे बड़े स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।जबकि कन्हाई पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेता कंपनी के पक्ष में काम कर रहे हैं और जल्द उनका भंडाफोड़ किया जाएगा। राजेश सिन्हा ने कहा कि फैक्ट्री में स्थानीय मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं दिया जा रहा है।

*16 मजदूरों को निकाले जाने का आरोप:-
धरना स्थगित होने के बाद आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि 27 मई को फैक्ट्री प्रबंधन ने 16 मजदूरों को काम से निकाल दिया। निकाले गए कर्मियों में मुकेश राय, चंद्रदेव राय, मनीष राय, मंटू राय, विकास राय, टुनटुन राय, मेघलाल राय और कर्मा राय समेत अन्य शामिल हैं। इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई है।
*क्या है पूरा मामला:-
मजदूर संगठनों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा बिना नोटिस मजदूरों को हटाया जा रहा है। कई बार लिखित शिकायत के बावजूद श्रम विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में 13 मई से धरना शुरू किया गया था। 26 मई को गेट जाम की चेतावनी के बाद बड़ी संख्या में महिला-पुरुष धरने पर बैठे थे। धरना स्थल पर नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कंपनी के एजेंट बनकर आंदोलन खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन पर दबाव बनाकर धरना हटाने की कोशिश की गई।धरना में मसूदन कोल, किशोर राय, सुनील ठाकुर, दिलचंद कोल, दीपक गोस्वामी, नवीन पांडेय, मोहन कोल, अरविंद टुडू, तुलसी तुरी, हुबलाल राय, बाबूलाल बास्के, भीम कोल, भिखारी राय, निमिया देवी, सरिता देवी, लालिता देवी, जसमी देवी समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.