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पीरटांड के दलुआडीह में सड़क-पुल नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश,31 मई को ग्रामीणों की होगी बैठक।

पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता।

पारसनाथ की तराई में बसे संथाल बहुल गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। मधुबन पंचायत अंतर्गत दलुआडीह गांव में सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।बुधवार को गांव की गर्भवती महिला सुनीता देवी को प्रसव के बाद तबियत बिगड़ने पर  एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।मजबूरन ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लादकर पिपराडीह तक 4 किलोमीटर पैदल पहुंचाया। महिला को बेहोशी के हालत में लाया गया था। बाद में निजी वाहन से उसे पीरटांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर किया गया था। वर्तमान में महिला का इलाज चल रहा है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। वर्षों से यहां बीमार और गर्भवती महिलाओं को खाट पर ढोकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

गांव के मखोनी देवी, पूरन मुर्मू, बैदा मुर्मू, हेमलाल मुर्मू और मुंशी हांसदा समेत अन्य लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी एक मरीज को इसी तरह खाट पर ले जाया गया था।ग्रामीणों ने बताया कि पिपराडीह तक सड़क बनी हुई है, लेकिन वहां से पहाड़ी गांवों तक पहुंचने के लिए न तो सड़क है और न ही नदी पर पुल। गांव में पेयजल की भी गंभीर समस्या है। लोग नदी का पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि चापाकल खराब पड़े हैं। साथ ही अबुआ आवास योजना का लाभ भी जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। गुरुवार को गांव पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस व्यवस्था चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि 31मई को गांव में एक बैठक का आयोजन किया गया है। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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