Type Here to Get Search Results !

गैस सिलेंडर को लेकर जिले में हड़कंप, एजेंसियों पर उमड़ी लोगों की भीड़।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

अनिलेश गौरव

जिले में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर अचानक अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए पहुंचने लगे, जिससे कई जगहों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा, जिसके कारण एजेंसियों के बाहर भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन गई। भीड़ बढ़ने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि देश में युद्ध जैसी स्थिति की चर्चाओं के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी आशंका के चलते लोग पहले से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों की ओर रुख कर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि लंबा इंतजार करने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका।वहीं गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे ही नया स्टॉक पहुंचेगा, सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि फिलहाल गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

*जिले के कई प्रखंडों में भी दिखा असर:-*
शहर के साथ-साथ इसका असर प्रखंड क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई गैस एजेंसियों में ग्राहकों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई लोग सुबह से ही लाइन में खड़े हैं, जिन्हें शाम तक गैस मिल पा रही है। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि केवाईसी नहीं होने के कारण उन्हें गैस नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा गैस एजेंसियों द्वारा मोबाइल से मिस कॉल कर गैस बुकिंग करने की भी जानकारी ग्राहकों को दी जा रही है।
*घरेलू महिलाओं की बढ़ी चिंता:-*
गैस की कमी को लेकर घरेलू महिलाओं में भी चिंता बढ़ गई है। महिलाओं का कहना है कि यदि समय पर गैस नहीं मिलेगी तो खाना बनाने में भारी दिक्कत होगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गैस की समस्या का जल्द समाधान किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

*ग्रामीण क्षेत्रों में आंशिक परेशानी:-
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति कुछ अलग है। कई ग्रामीण परिवार गैस पर निर्भर हैं, लेकिन कुछ लोग अब भी लकड़ी या अन्य पारंपरिक साधनों से खाना बना लेते हैं, जिससे वहां परेशानी अपेक्षाकृत कम है। हालांकि कुछ ग्रामीण इलाकों में लोगों ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पहले गैस एजेंसियों की गाड़ियां नियमित रूप से घर-घर जाकर होम डिलीवरी करती थीं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में गैस गाड़ियों का आना बंद हो गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
*होटल और मिष्ठान भंडार भी प्रभावित:-
गैस की कमी का असर होटल और मिष्ठान भंडारों पर भी देखने को मिल रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने के कारण खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। कुछ होटल संचालकों ने बताया कि अब उन्हें मजबूरी में लकड़ी और कोयला का सहारा लेना पड़ रहा है। कई छोटे होटल बंद होने की नौबत आ गई है। गैस की कमी होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चाहे वह होटल संचालक हो या फिर घरेलू महिलाएं सभी को गैस की कमी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जिले में गैस की कमी को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाती है और लोगों को कब तक राहत मिलती है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.