सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिला उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने गिरिडीह शहर के सभी मुर्गा/मिट/मछ्ली दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के द्वारा 25 से ज्यादा मुर्गा/मिट/मछ्ली दुकानों को फूड लाइसेंस लेने, परिसर एवं आस पास साफ सफाई रखने , खाद्य परिसर में काला सीसा लगा कर बेचना,गंदगी को नहीं फैलाना, मांस को टांग कर नहीं बेचने, केवल स्टेनलेस स्टील के औजारों का प्रयोग करने, खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करना और खाद्य सुरक्षा मानक प्रमाणन का ट्रेनिंग प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति, मांस के भंडारण की व्यवस्था, गुणवत्ता, ताजगी तथा लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
पदाधिकारी ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे खाद्य सामग्री को ढककर रखें तथा उसे स्वच्छ एवं निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखें। कई दुकानों में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करने पर कड़ी चेतावनी दी गई। साथ ही जिन दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस नहीं पाया गया, उन्हें आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने तथा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया। कुछ स्थानों पर सड़े-गले एवं मानक से कम गुणवत्ता वाले मांस को जब्त कर नष्ट भी किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों से अपील की गई कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न करें। साथ ही सभी दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। जिसमें 14 दिनों के अंदर फूड लाइसेंस बनवाने एवं दिए गए निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया गया है। आदेश की अवहेलना होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत करवाई की जाएगी।