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विषम परिस्थितियों में धर्म ही देता है संघर्ष करने की शक्ति : मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज।

मधुबन,शिखर दर्पण संवाददाता।

श्री सम्मेदशिखरजी स्थित गुणायतन में विराजमान राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने शंका समाधान के दौरान कहा कि धर्म जीवन की मुश्किलों को टालता नहीं, बल्कि उनसे लड़ने की शक्ति देता है। विपरीत परिस्थितियों में धर्म मनुष्य के भीतर धैर्य, संयम, संतोष और आत्मबल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जैसे अंधकार में दीपक जलाना जरूरी है, वैसे ही जीवन में संकट आने पर धर्म का सहारा लेना चाहिए।

धर्म केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि विचारों की पवित्रता और हर परिस्थिति में समभाव बनाए रखने का मार्ग है।भगवान श्रीराम और रावण का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि वास्तविक सुख धन-संपत्ति में नहीं, बल्कि मन की शांति में है। धर्मी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी प्रसन्न रह सकता है। मुनि श्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि सुख-दुख में धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि धर्म ही विपरीत परिस्थितियों में मनुष्य को टूटने से बचाता है।गुणायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ ने यह जानकारी दी।

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