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71 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने के लिए अभियान चलाने का लिया निर्णय।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने, मृत रैयतों की जमीन का उत्तराधिकार नामांतरण समेत आठ मांगों को लेकर किसान जनता पार्टी का धरना मंगलवार को 71वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पपरवाटांड़ स्थित धरना स्थल पर किसान जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों और मौजा अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने के लिए जागरूक करने हेतु गांव-गांव अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान पिछले 71 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने किसानों से निराश नहीं होने और मांगें पूरी होने तक आंदोलन पर अडिग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा, उसी तरह उन्हें भी एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

पार्टी के संयोजक दासो मुर्मू और संस्थापक सदस्य जोशील मरांडी ने कहा कि अब किसानों के लिए अपने सांसद, विधायक, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और वार्ड सदस्यों से सवाल पूछने का समय आ गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद रजिस्टर-टू की प्रति उपलब्ध नहीं होने, मृत पूर्वजों की जमीन का नामांतरण लंबित रहने, गैरमजरुआ खास, भूदान और बकास्त जमीन की लगान रसीद बंद होने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से किसानों के वंचित रहने जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं। वक्ताओं ने बंटवारानामा डीड बनवाने और आदिवासियों को वन पट्टा देने में कथित रिश्वतखोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। बैठक के बाद किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन गिरिडीह के अपर समाहर्ता को सौंपा गया। बैठक में किसान जनता पार्टी के कार्यालय सचिव विजय कुमार, संरक्षक घनश्याम पंडित, संस्थापक सदस्य नारायण राय, मानवेल हांसदा, बसिया टुडू, टिप्पण ठाकुर, थामी मंडल, विक्रम मुर्मू, जीतू सोरेन, संतोष बास्के, विष्णु सिंह, अमरेंद्र सिंह, डीलो विश्वकर्मा, बाटु मरांडी, मंझला किस्कू, मुस्कान अंसारी, रीना टुडू, मुनि मुर्मू, राम सूदन यादव, नबी अंसारी, बिरजू राय, मालती देवी, सुंदर मुर्मू और तेरेसा हेम्ब्रम सहित लगभग 500 किसान उपस्थित थे।

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