गिरिडीह में श्रद्धा और भक्ति के साथ मना गुरु रामदास जी का 492वां प्रकाश पर्व।
SHIKHAR DARPANSunday, October 25, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सिखों के चौथे गुरु, धन-धन श्री गुरु रामदास जी महाराज का 492वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर गुरुवाणी और शबद-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। प्रकाश पर्व के अवसर पर स्थानीय रागी जत्थे ने गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए कई मनमोहक शबद-कीर्तन प्रस्तुत किए। ‘जिन गुर का भाणा मंनिआ तिन घुमि घुमि जाए’ और ‘गुरु रामदास राखो शरणाई’ सहित अन्य गुरुवाणी के शबदों से संगत भावविभोर हो गई। लगभग दो घंटे तक चले विशेष कीर्तन के बाद विधिवत अरदास की गई। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया।
इस दौरान गुरु रामदास जी महाराज के जीवन, उनके योगदान और शिक्षाओं को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु रामदास जी ने सिख पंथ को संगठित करने, अमृतसर के विकास तथा सिख समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी शिक्षाएं विनम्रता, सेवा, प्रेम और प्रभु भक्ति का संदेश देती हैं। कार्यक्रम में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सेवादार सरदार गुणवनत सिंह मोंगिया, सचिव नरेंद्र सिंह शम्मी, परमजीत सिंह कल्लू, देवेंद्र सिंह खालसा, सुधीर आनंद, राजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह बग्गा, राजू चावला, भूपेंद्र सिंह और बॉबी सलूजा सहित सिख समाज के अनेक सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा। गुरु के अटूट लंगर के माध्यम से समानता और सेवा की भावना का संदेश दिया गया।