Type Here to Get Search Results !

सुदिव्य कुमार सोनू : संघर्ष से सत्ता तक का सफर, विकास के सपनों को धरातल पर उतारने वाले नेता।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

झारखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक जीवन संघर्ष, संगठन और विकास के संकल्प से जुड़ा रहा। झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले सोनू ने छात्र जीवन से ही झारखंड आंदोलन और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ झारखंड आंदोलन में सक्रिय रहने के दौरान उनके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले भी दर्ज हुए। संघर्ष के इसी दौर ने उन्हें जमीनी राजनीति का मजबूत चेहरा बनाया।
*1989 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर*
सुदिव्य कुमार सोनू ने वर्ष 1989 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। आंदोलन के दौर में वे शिबू सोरेन के साथ मजबूती से खड़े रहे। इसके बाद संगठन में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ती गई। वर्ष 1990 में उन्हें नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और मेहनत का परिणाम रहा कि वर्ष 2003 में वे झामुमो के गिरिडीह जिला अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद वर्ष 2006 में गिरिडीह जिला बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उन्हें मिली। 

*तीन चुनावों के बाद 2019 में पहली बार बने विधायक*
सोनू ने वर्ष 2009 में पहली बार गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने दोबारा विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि सफलता नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती गई। वर्ष 2019 में तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए उन्होंने पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की और विधायक बने। वर्ष 2024 में उन्होंने दूसरी बार गिरिडीह विधानसभा से जीत हासिल की। 
*मंत्री बनने के बाद विकास को मिली नई रफ्तार*
2024 में दूसरी बार विधायक बनने के बाद झारखंड सरकार में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। वे नगर विकास, आवास, पर्यटन, युवा कार्य एवं कला-संस्कृति तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे विभागों के मंत्री बने। मंत्री बनने के बाद उनका सबसे बड़ा सपना झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में देश के मानचित्र पर स्थापित करना था। वे झारखंड की प्राकृतिक संपदा, पहाड़, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और खनिज संपदा को पर्यटन से जोड़कर राज्य की नई पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहे थे। उनका लक्ष्य झारखंड को 'माइनिंग टूरिज्म' के क्षेत्र में भी आगे ले जाना था।

*गिरिडीह के विकास के लिए कई बड़ी योजनाओं को मिली गति*
सुदिव्य कुमार सोनू के कार्यकाल में गिरिडीह में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल हुई। इनमें गिरिडीह में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला महाविद्यालय का नए स्वरूप में विकास, चिड़ियाघर, बायोडायवर्सिटी पार्क और लाइब्रेरी जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं। शिक्षा के क्षेत्र में जेसी बोस सीएम एक्सीलेंस स्कूल, पचम्बा सीएम एक्सीलेंस स्कूल और सीएम एक्सीलेंस स्कूल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गिरिडीह जैसी योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली मेधा डेयरी परियोजना, गिरिडीह में फोरलेन निर्माण और बायपास सड़क की स्वीकृति, पीरटांड़ में मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना सहित कई योजनाओं को गति मिली। 

*पर्यटन और पर्यावरण पर भी रहा विशेष जोर*
गिरिडीह को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी कई योजनाओं पर काम हुआ। खंडोली और वाटर फॉल के सौंदर्यीकरण से लेकर उसरी नदी के किनारे शास्त्री नगर से अरगाघाट तक मरीन ड्राइव जैसी योजनाओं को शहर के विकास और पर्यटन से जोड़कर देखा गया। गिरिडीह को झारखंड का पहला सोलर सिटी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का विस्तार करना नहीं, बल्कि गिरिडीह को शिक्षा, पर्यटन, पर्यावरण और रोजगार के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाना था।
*संघर्ष से निकला नेता, विकास को बनाया पहचान*
सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक जीवन लगभग साढ़े तीन दशक के संघर्ष का सफर रहा। संगठन के नगर अध्यक्ष से जिला अध्यक्ष, बीस सूत्री उपाध्यक्ष, विधायक और फिर राज्य सरकार के मंत्री तक पहुंचने के इस सफर में गिरिडीह उनकी राजनीति का केंद्र बना रहा। उनके समर्थकों और चाहने वालों का मानना है कि उन्होंने गिरिडीह के विकास को लेकर कई ऐसे सपने देखे, जिन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया। यही कारण है कि उनके निधन के बाद गिरिडीह ही नहीं, पूरे झारखंड में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए संघर्ष, संगठन और जनसेवा की मिसाल बनकर रहेगा। उनके समर्थकों की नजर में उनके जैसा जननेता सदियों में जन्म लेता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.