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मधवाडीह के अंडा-मशरूम प्लांट की जांच को पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

बेंगाबाद प्रखंड के मधवाडीह पंचायत अंतर्गत बरियारपुर स्थित अंडा एवं मशरूम प्लांट से फैल रहे कथित प्रदूषण की जांच के लिए शनिवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मनीष कुमार ने प्लांट परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लांट के अंदर की व्यवस्थाओं की जांच की तथा बाहर फेंके गए कचरे और अपशिष्ट पदार्थों का भी अवलोकन किया। टीम ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्लांट से निकलने वाली दुर्गंध का भी आकलन किया। मौके पर मौजूद जेएलकेएम के केंद्रीय संगठन सचिव नागेंद्र चंद्रवंशी, मधवाडीह पंचायत के मुखिया सद्दीक अंसारी एवं अन्य ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि प्लांट से निकलने वाले कचरे और गंदे पानी के कारण खंडोली जलाशय सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण फैल रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि इससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण खंडोली जलाशय के पानी के प्रदूषित होने का मामला सामने आया था। इस मुद्दे को मुखिया सद्दीक अंसारी ने प्रमुखता से उठाया था। बाद में जेएलकेएम नेता नागेंद्र चंद्रवंशी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चरणबद्ध आंदोलन भी चलाया था। वहीं हेल्पिंग क्रॉप्स फाउंडेशन के पर्यावरण सेल के राज्य सचिव जगजीत सिंह बग्गा ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव से आठ सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद मुख्य सचिव द्वारा मामले की जांच का निर्देश झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया गया था। जांच के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की गई है तथा कुछ तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जांच रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को सौंपी जाएगी और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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