तिरिलटांड हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश, दोषियों की पहचान के लिए समाज ने की बैठक।
SHIKHAR DARPANMonday, June 08, 2026
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मधुबन,शिखर दर्पण संवाददाता।
मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत छछन्दो पंचायत के तिरिलटांड गांव में छह दिन पूर्व हुए आदिवासी दंपति हत्याकांड का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। घटना के उद्भेदन में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पुलिस जांच की धीमी प्रगति को देखते हुए गांव समाज भी अपने स्तर पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुट गया है। सोमवार को तिरिलटांड गांव में आदिवासी परंपरागत पदधारकों के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न गांवों के मांझी हड़ाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र पहचान और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया तथा मामले के खुलासे में हो रही देरी पर असंतोष जताया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही अपराधियों की पहचान नहीं होती है तो समाज अपने स्तर पर भी सच्चाई सामने लाने का प्रयास करेगा।
करीब सात घंटे तक चली इस लंबी बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, लेकिन इसके बावजूद हत्याकांड में शामिल अपराधियों की पहचान नहीं हो सकी। इसके बावजूद ग्रामीणों ने दोषियों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। गौरतलब है कि बीते सप्ताह मंगलवार की देर रात तिरिलटांड गांव में अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से हमला कर घर में सो रहे आदिवासी दंपति पतिया हांसदा और परणी देवी की निर्मम हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के लगभग एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। न तो हत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाया है और न ही हत्यारों की पहचान हो सकी है। हालांकि पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है, लेकिन मामले में प्रगति नहीं होने से ग्रामीणों और गांव समाज की चिंता तथा नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में फैले भय व आक्रोश का माहौल समाप्त हो सके।