Type Here to Get Search Results !

पारसनाथ पर्वत पर हर साल लगने वाली आग को लेकर चिंता, सुरक्षा के लिए पहल की मांग।

पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता। 

गर्मी का मौसम शुरू होते ही पारसनाथ पर्वत के अस्तित्व को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। हर वर्ष गर्मी के दिनों में असामाजिक तत्वों और प्राकृतिक कारणों से जंगलों में आग लग जाती है, जिससे लाखों पेड़-पौधे और पशु-पक्षी जलकर नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और अवैध पत्थर खनन के कारण भी कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रहती हैं।मधुबन निवासी नरेश कुमार महतो ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए वन विभाग और स्थानीय संस्थाओं से पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि मार्च महीने से ही ठोस कदम उठाए जाएं तो काफी हद तक पारसनाथ पहाड़ में लगने वाली आग को रोका जा सकता है।

उन्होंने विशेष रूप से मधुबन की संस्थाओं और गिरिडीह के स्थानीय प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि मार्च से जून तक वैकल्पिक व्यवस्था और निगरानी की ठोस योजना बनाई जाए, ताकि जंगलों को आग से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि पहाड़ का अस्तित्व सुरक्षित रहेगा तभी श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहेगा और क्षेत्र का पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा।नरेश कुमार महतो ने झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से भी इस दिशा में पहल करने का अनुरोध करते हुए कहा कि मरांग बुरु के रूप में पूजनीय पारसनाथ पहाड़ की सुंदरता और प्राकृतिक संतुलन को बचाना सभी की जिम्मेदारी है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.