पेयजल योजनाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश।
SHIKHAR DARPANThursday, October 29, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में गुरुवार को गिरिडीह समाहरणालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं में हो रही देरी और बंद पड़ी योजनाओं पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) के तहत संचालित सभी योजनाओं की जांच के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर संयुक्त कमिटी गठित करने का निर्देश दिया गया। कमिटी को स्थल निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मंत्री ने रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग से संबंधित कार्यों को अगले 90 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित पेयजलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने बंद पड़ी योजनाओं और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जरूरत पड़ने पर कानूनी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। अभियान निदेशक शशि रंजन ने भी लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेयजलापूर्ति योजनाएं सीधे आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ योजनाओं को पूरा कर आम लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान, अभियान निदेशक शशि रंजन, बोकारो की उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, धनबाद के नगर आयुक्त आशीष गंगवार सहित तीनों जिलों के संबंधित पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी और संवेदक उपस्थित थे।