सरकारी जमीन बिक्री की कोशिश पर ग्रामीणों में आक्रोश, उपायुक्त से जांच व कार्रवाई की मांग।
SHIKHAR DARPANSaturday, May 09, 2026
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जमुआ,शिखर दर्पण संवाददाता।
जमुआ प्रखंड अंतर्गत धरमपुर मौजा की गैरमजरवा खास जमीन को कथित रूप से फर्जी हुकुमनामा एवं अंचल कर्मियों की मिलीभगत से बेचने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस संबंध में धरमपुर गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त गिरिडीह को आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने एवं दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार मौजा धरमपुर, थाना जमुआ, जिला गिरिडीह स्थित खाता नंबर 35, प्लॉट नंबर 793, रकवा 29.75 एकड़ गैरमजरवा खास भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध दावा किया जा रहा है। आरोप है कि किशोर प्रसाद वर्मा ने अपनी दादी बसंती देवी के नाम पर कथित रूप से फर्जी हुकुमनामा तैयार कराकर उक्त जमीन की जमाबंदी जमुआ अंचल में करा ली। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2018 में मामले की जानकारी मिलने के बाद अंचल अधिकारी जमुआ के न्यायालय में जमाबंदी रद्द करने हेतु आवेदन दिया गया था, जिसका मामला संख्या 21/2018-19 दर्ज है।
मामले की जांच में हल्का कर्मचारी एवं प्रभारी अंचल निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में जमाबंदी को संदिग्ध बताते हुए झारखंड भूमि सुधार अधिनियम की धारा 4(एच) के तहत जमाबंदी रद्द करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद 25 फरवरी 2019 को अंचल अधिकारी जमुआ ने भी उक्त अनुशंसा के आधार पर जमाबंदी रद्द करने की सिफारिश करते हुए अभिलेख भूमि सुधार उपसमाहर्ता, खोरीमहुआ को भेज दिया था। भूमि सुधार उपसमाहर्ता ने भी अंचल अधिकारी के आदेश को यथावत रखते हुए मामला अपर समाहर्ता गिरिडीह को अग्रसारित किया। हालांकि बाद में अपर समाहर्ता गिरिडीह ने अंचल अधिकारी एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता के आदेश को निरस्त करते हुए किशोर प्रसाद वर्मा के पक्ष में आदेश पारित कर दिया। इसके विरोध में धरमपुर के ग्रामीणों ने 28 अगस्त 2023 को उपायुक्त न्यायालय में विविध अपील दायर की।
ग्रामीणों का कहना है कि उपायुक्त ने अपर समाहर्ता के आदेश को निरस्त करते हुए मामले की पुनः विधिसम्मत जांच का निर्देश दिया है तथा फिलहाल मामला अपर समाहर्ता न्यायालय में लंबित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विवादित सरकारी जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है, जबकि गांव के लोग वर्षों से उक्त भूमि की सुरक्षा करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने एवं सरकारी जमीन की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। आवेदन देने वालों में मुनसी राणा, बाबूलाल महतो, लखने महतो, जीबलाल महतो, राजकुमार कर्मा, मनोज कर्मी, शंकर कुमार वर्मा, निसार वर्मा, अजय कुमार राणा, रामेश्वर राणा, बैजनाथ महतो सहित कई ग्रामीणों के नाम शामिल हैं।